Tuesday, July 21

नर्मदा की सेहत पर NGT सख्त, जीवनरेखा बनाए रखने के लिए मांगी अनुपालन रिपोर्ट

भोपाल – नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की भोपाल बेंच ने नर्मदा नदी की बिगड़ती स्थिति पर गहरा असंतोष जताते हुए पर्यावरण के प्रधान सचिव से निर्देशों का पालन करने की रिपोर्ट पेश करने को कहा है। NGT ने साफ कर दिया है कि नदी के प्राकृतिक बहाव से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

नर्मदा को जीवनरेखा बनाए रखने के निर्देश

NGT ने नर्मदा नदी के बाढ़ क्षेत्र को चिह्नित करने, उस क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने, नदी में बिना उपचारित सीवेज और ठोस कचरा बहाने पर रोक लगाने, अवैध रेत खनन बंद करने और पूरे साल नदी के प्रवाह को स्थिर रखने जैसे कड़े निर्देश जारी किए हैं। ये सभी कदम नर्मदा को मध्य प्रदेश की जीवनरेखा बनाए रखने के लिए हैं।

अनुपालन रिपोर्ट पर कार्रवाई

अनुपालन रिपोर्ट 1 सितंबर 2025 के NGT आदेश के अनुसार तैयार की जाएगी। यह रिपोर्ट विभिन्न एजेंसियों, विभागों, जिला कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों से संकलित की जाएगी। रिपोर्ट याचिकाकर्ता कीर्ति कुमार सदाशिव भट्ट की याचिका पर आधारित है और इसे NGT के रजिस्ट्रार को सौंपा जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

निष्पादन याचिका की सुनवाई

यह निर्देश जबलपुर की सामाजिक कार्यकर्ता पी.जी. नज्पांडे द्वारा दायर निष्पादन याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किए गए। NGT यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उसके द्वारा पहले जारी किए गए निर्देशों का सही ढंग से पालन हो रहा है या नहीं।

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