Tuesday, July 21

गाजियाबाद में दर्दनाक हादसा: तीन सगी बहनों ने नौवीं मंजिल से कूदकर दी जान, ऑनलाइन कोरियन गेमिंग ऐप का शक

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। टीला मोड़ थाना क्षेत्र स्थित भारत सिटी सोसायटी में रहने वाली तीन नाबालिग सगी बहनों ने कथित तौर पर नौवीं मंजिल से छलांग लगाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और परिवार के साथ-साथ स्थानीय लोग भी गहरे सदमे में हैं।

मृतक बहनों की पहचान निशिका (16 वर्ष), प्राची (14 वर्ष) और पाखी (12 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें एक ऑनलाइन टास्क-बेस्ड कोरियन गेमिंग ऐप की चपेट में थीं, जिसके चलते उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया।

रात दो बजे की घटना, गिरने की आवाज से मचा हड़कंप

स्थानीय लोगों के मुताबिक घटना रात करीब 2 बजे की है। जब सोसायटी में अचानक तीन लोगों के गिरने की तेज आवाज आई तो लोग बाहर दौड़ पड़े। नीचे पहुंचते ही तीनों बच्चियों के शव देखकर लोगों के होश उड़ गए। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। तीनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

ऑनलाइन गेमिंग ऐप की लत और टास्क का दबाव!

स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार, तीनों बहनें पिछले करीब एक साल से ऑनलाइन गेम खेल रही थीं। बताया जा रहा है कि यह एक टास्क-बेस्ड गेम था, जिसमें खिलाड़ियों को अलग-अलग चरणों में निर्देश दिए जाते थे। परिवार वाले कई बार बच्चियों को गेम खेलने से रोकते थे, लेकिन वे लगातार मोबाइल पर गेमिंग में व्यस्त रहती थीं।

सूत्रों के मुताबिक, गेम के अंतिम चरण में खिलाड़ियों को परिवार से अंतिम बार मिलना, सभी की फोटो लेना, खुद को कमरे में बंद करना और फिर आत्महत्या करने जैसे निर्देश दिए गए थे।

कमरे में मिले गेम से जुड़े फोटो, सुसाइड नोट मिलने की भी चर्चा

घटना के बाद पुलिस ने बच्चियों के कमरे की तलाशी ली, जहां कई फोटो जमीन पर बिखरे हुए पाए गए। बताया जा रहा है कि ये फोटो उसी गेम के पैटर्न के अनुसार रखे गए थे। इस मामले में सुसाइड नोट बरामद होने की भी चर्चा है, हालांकि पुलिस की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

कोरोना के बाद स्कूल जाना बंद, मानसिक दबाव की आशंका

परिजनों ने बताया कि कोरोना महामारी के बाद आर्थिक कारणों से तीनों बच्चियां स्कूल नहीं जा पा रही थीं। ऐसे में वे अधिकतर समय घर पर रहती थीं और मोबाइल गेमिंग में लगातार डूबी रहती थीं। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं बच्चियों पर किसी तरह का मानसिक दबाव या ऑनलाइन धमकी तो नहीं थी।

एसीपी के नेतृत्व में जांच, पुलिस जुटा रही डिजिटल सबूत

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसीपी स्वयं जांच कर रहे हैं। पुलिस मोबाइल फोन, गेमिंग ऐप और डिजिटल चैट रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बच्चियों को किसने और कैसे उकसाया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

ऑनलाइन गेमिंग बना खतरा, समाज के लिए चेतावनी

यह घटना ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल टास्क-बेस्ड ऐप्स के बढ़ते खतरे की ओर इशारा करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों में मोबाइल गेमिंग की लत कई बार उन्हें मानसिक रूप से कमजोर कर देती है और वे आभासी दुनिया में इतना उलझ जाते हैं कि वास्तविकता से कट जाते हैं।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पूरे शहर में इस घटना को लेकर भय और चिंता का माहौल है।

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