Tuesday, July 21

कौन हैं बलजीत यादव? 12 घंटे की दौड़ से बनाई पहचान, अब ED की गिरफ्त में पहुंचे पूर्व विधायक MLA फंड गबन और मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तारी, 3.72 करोड़ के कथित घोटाले का आरोप

जयपुर। राजस्थान की राजनीति में विरोध प्रदर्शन के अनोखे तरीकों से पहचान बनाने वाले बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद सुर्खियों में हैं। ईडी ने मंगलवार रात दिल्ली-जयपुर हाईवे पर शाहजहांपुर टोल प्लाजा के पास से उन्हें हिरासत में लेकर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार कर लिया। बलजीत यादव पर विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MLA LAD Fund) के दुरुपयोग और करोड़ों रुपये के कथित गबन का गंभीर आरोप है।

विरोध की राजनीति से बनी ‘क्रांतिकारी’ छवि

बलजीत यादव राजस्थान की राजनीति का ऐसा नाम रहे हैं, जिन्होंने युवाओं के बीच खुद को एक संघर्षशील और क्रांतिकारी नेता के रूप में स्थापित किया। वर्ष 2018 में उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया था।

उनकी पहचान तब और मजबूत हुई जब वर्ष 2022 में उन्होंने जयपुर के सेंट्रल पार्क में काले कपड़े पहनकर लगातार 12 घंटे तक दौड़ लगाई थी। उनका दावा था कि यह दौड़ उन्होंने पेपर लीक माफिया और गुरुकुल यूनिवर्सिटी फर्जीवाड़े जैसे मामलों के खिलाफ गहलोत सरकार को जगाने के लिए की थी। इस अनोखे विरोध प्रदर्शन ने उन्हें व्यापक चर्चा में ला दिया।

निर्दलीय से कांग्रेस तक का सफर

राजनीतिक सफर में बलजीत यादव ने बाद में कांग्रेस का दामन थाम लिया। उनके समर्थक उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में देखते रहे, जो भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ सड़क पर उतरकर आवाज उठाने का साहस रखते हैं। लेकिन अब उन्हीं पर भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप लगने से उनकी छवि पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

32 स्कूलों की ‘खेल किट’ बनी विवाद की वजह

ईडी की जांच के अनुसार, वर्ष 2021-22 में बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र के 32 सरकारी स्कूलों में बैडमिंटन और क्रिकेट किट वितरण के नाम पर विधायक कोष से करीब 3.72 करोड़ रुपये खर्च किए गए। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस राशि का बड़ा हिस्सा वास्तविक काम में उपयोग नहीं हुआ और कागजों में ही खर्च दिखाकर गबन किया गया।

ईडी का दावा है कि खेल सामग्री की खरीद के नाम पर बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई और धन का दुरुपयोग कर मनी लॉन्ड्रिंग की गई।

ACB की FIR से शुरू हुआ मामला, ED ने संभाली जांच

इस कथित घोटाले की परतें सबसे पहले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज एफआईआर से खुलीं। इसके बाद मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा होने के कारण ईडी ने इसमें प्रवेश किया और PMLA (धन शोधन निवारण अधिनियम) के तहत जांच शुरू की।

जनवरी 2025 में ईडी ने जयपुर, दौसा और बहरोड़ में बलजीत यादव से जुड़े 10 ठिकानों पर छापेमारी की थी। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ी, जिसके बाद अब गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है।

टोल प्लाजा से हिरासत, जयपुर में पूछताछ जारी

ईडी ने मंगलवार देर रात अलवर जिले के शाहजहांपुर टोल प्लाजा के पास से बलजीत यादव को हिरासत में लिया और उन्हें जयपुर स्थित ईडी कार्यालय ले जाया गया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल ईडी उनसे मनी ट्रांजैक्शन और नेटवर्क को लेकर गहन पूछताछ कर रही है।

राजनीति में हलचल, आगे और खुलासों की संभावना

पूर्व विधायक की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि जांच के दौरान इस मामले में और भी लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। ईडी अब पूरे नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

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