Tuesday, July 21

उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड खत्म, एक जुलाई से अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण लागू

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का बड़ा निर्णय लिया है। इसके स्थान पर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया है। यह प्राधिकरण 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा।

सरकार की अधिसूचना के अनुसार प्राधिकरण में कुल 11 पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। रुड़की के बीएसएम पीजी कॉलेज के रिटायर्ड प्रोफेसर सुरजीत सिंह गांधी को अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा प्रो. राकेश जैन, डॉ. सैयद अली, प्रो. पेमा तेनजिन, डॉ. एल्बा मेड्रिले, प्रो. रोबिना अमन, प्रो. गुरमीत सिंह, राजेंद्र बिष्ट और रिटायर्ड आईएएस चंद्रशेखर भट्ट बोर्ड के सदस्य होंगे। महानिदेशक-विद्यालयी शिक्षा, निदेशक-राज्य शैक्षिक अनुसंधान और निदेशक-अल्पसंख्यक कल्याण भी प्राधिकरण में सदस्य होंगे।

उत्तराखंड सरकार के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि प्राधिकरण मुख्य रूप से मदरसा संस्थानों का संचालन करेगा और शिक्षा के स्वरूप एवं सिलेबस को निर्धारित करेगा। सभी अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थानों को उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन से मान्यता लेनी होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्राधिकरण अल्पसंख्यक बच्चों को दी जाने वाली शिक्षा का स्वरूप और सिलेबस तय करेगा, जिससे उनकी शैक्षिक गुणवत्ता और समग्र विकास सुनिश्चित होगा।

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