Tuesday, July 21

बांदा जेल विवाद: गैंगस्टर रवि काना की रिहाई पर बड़ा एक्शन, जेल अधीक्षक और जेलर पर मुकदमा दर्ज

बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जनपद में कुख्यात स्क्रैप माफिया और गैंगस्टर रवि काना की जेल से अनधिकृत रिहाई मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस गंभीर प्रकरण के बाद प्रशासन और पुलिस ने जांच और कार्रवाई तेज कर दी है।

जेल पुलिस चौकी के इंचार्ज अनुराग पांडे की तहरीर पर जेलर विक्रम सिंह यादव को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही जेल अधीक्षक अनिल गौतम और कई बंदी रक्षकों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच के लिए अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ग्रेटर नोएडा निवासी स्क्रैप माफिया और गैंगस्टर रविंद्र नागर उर्फ रवि काना को अगस्त 2024 में बांदा की मंडल कारागार में निरुद्ध किया गया था। हालांकि, गुरुवार शाम को जेल प्रशासन द्वारा उसकी रिहाई कर दी गई, जबकि इस संबंध में न तो कोई लिखित न्यायिक आदेश था और न ही न्यायालय को सूचित किया गया।

इस घटना पर गौतमबुद्धनगर की सीजेएम कोर्ट ने जेल अधीक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया है। डीजी जेल के निर्देश पर जेलर विक्रम सिंह यादव को निलंबित किया गया, जबकि जेल अधीक्षक के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं।

एसओजी की पांच सदस्यीय टीम ने मंडल कारागार में करीब चार घंटे तक जांच की। इसमें पुराने सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेजों की गहन समीक्षा की गई। दर्जनभर बंदियों और आधा दर्जन से अधिक जेल कर्मियों से पूछताछ भी की गई।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि सभी पहलुओं की जांच के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जेल अधीक्षक, निलंबित जेलर और अन्य बंदी रक्षकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

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