Tuesday, July 21

ममता बनर्जी बनीं सुप्रीम कोर्ट में वकील, चुनाव आयोग पर लगाया आरोप

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इतिहास रचते हुए बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में खुद ही अपनी याचिका की पैरवी की। यह पहली बार है जब किसी प्रदेश की मौजूदा मुख्यमंत्री ने कोर्ट में सीधे जुबानी दलीलें पेश की हैं।

ममता बनर्जी ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) मामले में चुनाव आयोग द्वारा राज्य में की जा रही कार्रवाई के खिलाफ याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट की सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने उनकी दलील सुनने के बाद चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर सोमवार तक जवाब दाखिल करने को कहा

खुद की पैरवी करते हुए ममता की दलील

ममता ने अदालत में कहा कि SIR प्रक्रिया का उद्देश्य नाम जोड़ने के लिए नहीं बल्कि हटाने के लिए है। उन्होंने तर्क दिया कि शादी के बाद अपने पति का सरनेम अपनाने वाली महिलाएं और अपने ससुराल शिफ्ट होने वाले लोग नाम कटने की समस्या का शिकार हो रहे हैं। ममता ने कहा,
“जब सबकुछ खत्म हो जाता है, हमें न्याय नहीं मिलता। दरवाजों के पीछे न्याय रो रहा है। मैंने मुख्य चुनाव आयुक्त को कई पत्र लिखे हैं। मैं सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि लोगों के लिए लड़ रही हूं।”

चुनाव आयोग पर बंगाल को टारगेट करने का आरोप

ममता ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया केवल पश्चिम बंगाल को निशाना बनाने के लिए लागू की गई है। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड को स्वीकार करने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन अन्य राज्यों में हो रहा है, लेकिन बंगाल में नहीं। ममता ने कहा,
“चुनाव के मौसम में लोगों को परेशान किया जा रहा है। 100 से अधिक लोग मर चुके हैं, ईसीआई के उत्पीड़न से BLO मरे हैं। बंगाल को टारगेट किया जा रहा है, असम क्यों नहीं?”

बीजेपी से जुड़े माइक्रो ऑब्जर्वर पर भी निशाना

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि नाम काटने के लिए बीजेपी के ‘माइक्रो ऑब्जर्वर’ नियुक्त किए गए हैं, जो बंगाल के लोगों को कुचलना चाहते हैं। उन्होंने चुनाव आयोग को ‘व्हाट्सएप कमीशन’ तक कह डाला, क्योंकि आयोग व्हाट्सएप के माध्यम से निर्देश जारी कर रहा था।

कोर्ट का रुख

सुनवाई के अंत में सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर सोमवार तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया। बेंच ने यह भी कहा कि अगर राज्य सरकार ग्रुप बी अधिकारियों की सूची दे, जो SIR की ड्यूटी कर सकते हैं, तो माइक्रो ऑब्जर्वर के मसले में राहत मिल सकती है।

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