Tuesday, July 21

राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव: कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के जवाब पर उठाए सवाल

नई दिल्ली: कांग्रेस ने बुधवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने ही नहीं दिया गया और पूरी बहस पूरी नहीं हुई, तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जवाब देने का कोई अर्थ नहीं है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई पार्टी की बैठक में इस मुद्दे पर आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, “पिछले तीन दिनों से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को अपना भाषण पूरा करने से रोका जा रहा है। उन्हें जानबूझकर रोका जा रहा है क्योंकि वे राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दे उठा रहे हैं।”

रमेश ने बताया कि गुरुवार सुबह 10 बजे संसद भवन में विपक्षी दलों के सदन नेताओं की बैठक होगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा, “जिस तरह से नेता प्रतिपक्ष को बोलने से रोका जा रहा है, उसे हम बर्दाश्त नहीं कर सकते। भाजपा सांसदों द्वारा पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियाँ की गई हैं, जिसकी हम कड़ी निंदा करते हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं।”

कांग्रेस का कहना है कि असली मुद्दा यही है कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा। रमेश ने कहा, “प्रधानमंत्री तभी जवाब देंगे जब बहस होगी। अगर नेता प्रतिपक्ष बोलेंगे ही नहीं, तो बहस का क्या मतलब है? प्रधानमंत्री किस बात पर जवाब देंगे?” उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री अपनी पार्टी के चुनावी एजेंडे के तहत अक्सर कांग्रेस और उसके नेताओं को निशाना बनाते आए हैं।

रमेश ने यह भी बताया कि राहुल गांधी राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रधानमंत्री द्वारा जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विश्वसनीय स्रोतों के हवाले देते हुए चर्चा करना चाहते थे, लेकिन उन्हें पूरा भाषण देने की अनुमति नहीं दी गई।

बैठक में जयराम रमेश, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, प्रमोद तिवारी और मणिकम टैगोर सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

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