Tuesday, July 21

लंबे समय से पेंडिंग बेल अर्जी: सुप्रीम कोर्ट सख्त, सभी हाई कोर्ट से मांगी रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट में लंबे समय से लंबित जमानत याचिकाओं को गंभीरता से लेते हुए सभी उच्च न्यायालयों से इन मामलों की स्थिति पर रिपोर्ट तलब की है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने बुधवार को यह निर्देश पारित किया।

सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को 1 जनवरी 2025 के बाद दायर सभी जमानत याचिकाओं का विवरण पेश करने को कहा है। इसमें याचिका दायर करने की तारीख, यदि फैसला हो गया है तो उसकी तारीख और अगली सुनवाई की तारीख शामिल होगी। इसके अलावा, अगर जनवरी 2025 से पहले दायर की गई याचिकाएं अब भी लंबित हैं, तो उनका विवरण भी देना होगा। लंबित याचिकाओं में सजा निलंबन (सस्पेंशन ऑफ सेंटेंस) की मांग करने वाली याचिकाएं भी शामिल होंगी।

कोर्ट ने देरी पर जताई चिंता

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जमानत याचिकाओं के निपटारे में देरी कई हाई कोर्ट में सामान्य समस्या बन चुकी है। उदाहरण के लिए, पटना उच्च न्यायालय में जमानत मामलों की त्वरित सूचीबद्धता नहीं होती, जिससे याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट का सहारा लेने को मजबूर हो रहे हैं।

पीठ ने कहा कि कुछ दिशा-निर्देश आवश्यक हैं ताकि लंबित मामलों का समय पर निपटारा हो सके। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र मामले में उच्च न्यायालयों को यह निर्देश भी दिया था कि जमानत याचिकाओं का निपटारा याचिका दायर होने के दो महीने के भीतर किया जाए। हालांकि, सूचीबद्धता (लिस्टिंग) का अधिकार अभी भी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस का विशेषाधिकार है।

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