Tuesday, July 21

बिहार बजट 2026-27: शिक्षा पर सबसे अधिक खर्च, लेकिन गुणवत्ता अभी भी चुनौती

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी है और बजट में हर साल इस क्षेत्र पर भारी निवेश करती है। इस बार 2026-27 के बजट में शिक्षा पर कुल 68,217 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान है, जो कुल बजट का 19.63% है। पिछले साल यह अनुपात 19.24% था।

राज्य में अब शिक्षा दो विभागों—सामान्य शिक्षा और उच्च शिक्षा—में विभक्त है। सरकार का लक्ष्य हर पंचायत में हाई स्कूल खोलना था। अगस्त 2020 तक 3,304 पंचायतों में हाई स्कूल शुरू किए गए और अक्टूबर 2023 तक राज्य में कुल 9,360 हाई स्कूल और 10+2 स्कूल हो गए।

हालांकि, स्कूलों की संख्या बढ़ जाने के बावजूद गुणवत्ता पर अभी भी चिंता बनी हुई है। कई मिडिल स्कूलों को हाई स्कूल में बदल दिया गया, लेकिन पर्याप्त भवन, खेल के मैदान, प्रयोगशाला और विषयवार शिक्षक नहीं उपलब्ध थे।

स्मार्ट क्लास की स्थिति भी चिंता का विषय है। जुलाई 2025 तक राज्य के लगभग 78,000 स्कूलों में केवल 7,000 स्कूलों में ही स्मार्ट क्लास की सुविधा थी, यानी मात्र 8.8%। छह साल पहले तय किए गए सभी हाई स्कूल और 10+2 स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू करने के लक्ष्य को अब तक पूरा नहीं किया जा सका।

शिक्षा की गुणवत्ता पर असर डालते हुए, ACER की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, कक्षा 3 के केवल 26.3% बच्चे कक्षा 2 का पाठ पढ़ सकते हैं और 37.5% बच्चे गणित के घटाव को सही ढंग से कर पाते हैं

सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं के बावजूद, संख्या में वृद्धि होने के बावजूद, क्वालिटी एजुकेशन अभी भी बिहार में एक चुनौती बनी हुई है। नीति आयोग की रिपोर्ट भी इस बात पर चिंता जताती है कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में अभी लंबा रास्ता तय करना है।

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