Tuesday, July 21

बलूचिस्तान में विद्रोह से बौखलाए शहबाज शरीफ, भारत पर लगाया बेतुका आरोप

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में विद्रोहियों के हालिया हमलों के बाद हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) द्वारा किए गए हमलों के कारण पाकिस्तानी सेना कई इलाकों से जान बचाकर पीछे हटती नजर आई, जिससे प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बौखलाए हुए हैं।

गुरुवार को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की कथित विधानसभा को संबोधित करते हुए शहबाज ने बलूचिस्तान की स्थिति के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि भारत “प्रॉक्सी के जरिए पाकिस्तान में आतंक फैलाने” का प्रयास कर रहा है।

शहबाज ने क्या कहा

शहबाज ने कहा, “भारत मई 2025 में जंग हार गया था, लेकिन अब वह प्रॉक्सी के जरिए पाकिस्तान में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है। जब तक भारत अपनी आक्रामक और विस्तारवादी योजनाओं को नहीं छोड़ता, दक्षिण एशिया में स्थायी शांति संभव नहीं।”
उन्होंने कश्मीरी भाइयों और बहनों के प्रति पाकिस्तान के समर्थन का भी दावा किया और कहा कि कश्मीरी शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।

बीएलए के हमलों से हाहाकार

31 जनवरी को BLA ने क्वेटा, मस्तुंग, नुश्की, डालबंदिन, खारान, पंजगुर, टंप, ग्वादर और पसनी में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों पर coordinated हमले किए। इन हमलों में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। सोशल मीडिया पर विद्रोहियों के हमलों से भागते सैनिकों के वीडियो वायरल हुए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार बलूचिस्तान के कई इलाकों से पाकिस्तानी सेना पीछे हट चुकी है और विद्रोही कई क्षेत्रों पर नियंत्रण जमा चुके हैं।

पाकिस्तानी सेना का प्रोपगैंडा

पाकिस्तानी सेना की प्रॉपगैंडा विंग ISPR ने दावा किया कि ऑपरेशन रद्दल फितना 1 सफलतापूर्वक पूरा हुआ, जिसमें कम से कम 216 आतंकियों को मार गिराया गया। ISPR ने यह भी कहा कि इस अभियान में 36 निर्दोष नागरिक और 22 सुरक्षा बलों के कर्मी भी मारे गए। हालांकि स्वतंत्र मीडिया और सोशल मीडिया पर इस दावे की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि बलूचिस्तान में हालात अस्थिर हैं और पाकिस्तान की सेना के पीछे हटने से विद्रोहियों को और ताकत मिली है। शहबाज की भारत पर आरोप लगाने की प्रतिक्रिया भी क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाली मानी जा रही है।

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