Tuesday, July 21

‘घूसखोर पंडत’ विवाद गरमा गया, मायावती बोली देश में ब्राह्मण समाज का अपमान हो रहा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज ‘घूसखोर पंडत’ अब राजनीतिक रंग लेने लगी है। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस वेब सीरीज के निर्देशक और टीम के खिलाफ हजरतगंज थाने में मामला दर्ज किया गया है। वहीं, बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने इस विवाद पर कड़ा बयान देते हुए पूरे मामले को गंभीरता से उठाया है।

मायावती का बयान:
मायावती ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “यह बड़े दुख और चिंता की बात है कि अकेले यूपी में ही नहीं, बल्कि फिल्मों में भी ‘पंडित’ को घुसपैठिया बताकर पूरे देश में अपमानित किया जा रहा है। इससे ब्राह्मण समाज में गहरा रोष व्याप्त है। हमारी पार्टी इसकी कड़ी निंदा करती है। केंद्र सरकार को इस जातिसूचक फिल्म पर तुरंत प्रतिबंध लगाना चाहिए।”

विवाद का राजनीतिक परिदृश्य:
‘घूसखोर पंडत’ वेब सीरीज के टाइटल ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में तूफ़ान ला दिया है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दल ब्राह्मण वोट बैंक पर नजर गढ़ाए हुए हैं। ब्राह्मणों की नाराजगी का मुद्दा समाजवादी पार्टी से लेकर बहुजन समाज पार्टी तक उठाया जा रहा है।

हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में ब्राह्मण समाज भाजपा के पक्ष में एकजुट दिखा था। इसके बावजूद अब विपक्षी दल चुनावी समीकरण साधने की कोशिश में हैं। मायावती ने भी 2007 की तर्ज पर पिछड़ा-दलित-मुस्लिम वोट बैंक के साथ ब्राह्मण वोटरों को जोड़कर राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने की रणनीति शुरू कर दी है।

लखनऊ में केस दर्ज:
हजरतगंज पुलिस स्टेशन ने सोशल मीडिया पर विवादित वेब सीरीज के खिलाफ सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने और जातिगत व धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। लखनऊ कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी के तहत किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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