Tuesday, July 21

बिहार विधानसभा: गलत जवाब देने वाले अधिकारी पर होगी कार्रवाई, प्रभारी स्वास्थ्य मंत्री ने आदेश दिए

पटना: बिहार विधानसभा सत्र के चौथे दिन प्रभारी स्वास्थ्य मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी सदन में विभागीय अधिकारियों की ओर से गलत जानकारी देने के आरोप में चर्चा के केंद्र में आ गए। मंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार को आश्वस्त किया कि पलाशी स्थित पीएचसी की वस्तुस्थिति की जांच की जाएगी और दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सवाल और जवाब का विवाद

प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान एआईएमआईएम विधायक मुर्शिद आलम ने पलाशी पीएचसी की दुर्दशा का मुद्दा उठाया। विधायक के अनुसार, यह अस्पताल केवल 6 बेड वाला है, जबकि विभाग की जानकारी में इसे 30 बेड वाला अस्पताल बताया गया।

प्रभारी स्वास्थ्य मंत्री ने जवाब दिया कि यह पीएचसी उत्क्रमित हो रहा है और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इस जवाब से असंतुष्ट विधायक मुर्शिद आलम ने कहा कि पदाधिकारी गलत जवाब देकर सदन को गुमराह करना चाहते हैं और उन्होंने सत्यापित तस्वीरें उपलब्ध कराने की पेशकश की।

जांच का आदेश

मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा कि विधायक के आरोप और विपक्ष की मांग पर विभागीय जांच कराई जाएगी, और यदि अधिकारी दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष ने विधायकों को कहा कि वे इस जांच में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं।

अन्य सवालों पर मंत्री फंसे

पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक नीतीश मिश्रा ने सीएचसी के मानक और पलाशी पीएचसी की वास्तविक स्थिति को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने बताया कि भवन में 30 बेड होने के बावजूद केवल दो चिकित्सक कार्यरत हैं और नर्सिंग स्टाफ अनुपलब्ध है।

इस पर प्रभारी स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विभाग इस पीएचसी को सीएचसी में उत्क्रमित करने की प्रक्रिया में है। वर्ष 2025 में पद सृजित किए गए हैं और जल्द ही चिकित्सक, नर्स और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल कर दी जाएंगी। उन्होंने दोषी अधिकारियों पर उचित कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया।

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