Tuesday, July 21

साध्वी प्रेम बाईसा मौत केस: इंजेक्शन पर सस्पेंस, परिचित और कंपाउंडर से दोबारा होगी पूछताछ

जोधपुर: पाल गांव के आरती नगर स्थित आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के दस दिन बाद भी पुलिस जांच किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुँच पाई है। शुरुआती जांच में मामला उलझा हुआ नजर आ रहा है और मौत से ठीक पहले लगाए गए इंजेक्शन को लेकर संदेह गहरा गया है।

इंजेक्शन पर जांच तेज:
पुलिस सूत्रों के अनुसार, साध्वी को कौन-सा इंजेक्शन लगाया गया और किस उद्देश्य से लगाया गया, इसकी पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है। इंजेक्शन के रिएक्शन या किसी जहरीले पदार्थ की आशंका को लेकर जांच जारी है। एफएसएल रिपोर्ट के आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएंगे।

कंपाउंडर से दोबारा पूछताछ:
जांच के दौरान यह सामने आया कि इंजेक्शन किस डॉक्टर के निर्देश पर लगाया गया, इसकी जानकारी अस्पष्ट है। ऐसे में कंपाउंडर को एक बार फिर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस नार्को टेस्ट कराने की संभावना पर भी विचार कर रही है।

एसआईटी ने दर्ज किए 37 से अधिक बयानों:
मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित एसआईटी ने अब तक 37 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इनमें आश्रम से जुड़े लोग, परिचित और अन्य संदिग्ध शामिल हैं। पुलिस हर पहलू से मामले की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।

मोबाइल डेटा से नए सुराग:
जांच के दौरान साध्वी और अन्य से जुड़े मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। इनसे करीब 40 परिचितों की जानकारी मिली है, जिनसे तथ्य जुटाए जा रहे हैं। कॉल डिटेल और मैसेज के आधार पर घटनाक्रम की समयरेखा तैयार की जा रही है।

पुलिस का बयान:
सहायक पुलिस आयुक्त पश्चिम छवि शर्मा ने कहा, “प्रकरण की बारीकी से जांच की जा रही है। किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। जब तक सभी तकनीकी और मेडिकल रिपोर्ट सामने नहीं आतीं, किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।”

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