Tuesday, July 21

बुजुर्गों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय इन जरूरी कवरेज को न करें नजरअंदाज

नई दिल्ली। बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी तेजी से बढ़ती हैं। बुजुर्गों को नियमित जांच, दवाइयों, इलाज और कभी-कभी लंबी हॉस्पिटलाइजेशन की जरूरत पड़ती है। ऐसे में उनके लिए एक ऐसा हेल्थ इंश्योरेंस प्लान चुनना बेहद जरूरी हो जाता है जो केवल अस्पताल में भर्ती होने तक सीमित न हो, बल्कि इलाज से जुड़े हर जरूरी खर्च को कवर कर सके।

बीमा विशेषज्ञों का कहना है कि बुजुर्ग माता-पिता या वरिष्ठ नागरिकों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय कुछ अहम सुविधाओं और ऐड-ऑन कवरेज को जरूर शामिल करना चाहिए, ताकि इमरजेंसी में आर्थिक बोझ न बढ़े और इलाज बिना रुकावट जारी रह सके।

बुजुर्गों की हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी कैसी होनी चाहिए?

बुजुर्गों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी चुनते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि पॉलिसी कॉम्प्रिहेंसिव हो। यानी इसमें इलाज, जांच, दवाइयां और अन्य मेडिकल खर्चों की व्यापक सुरक्षा मिल सके।

आजकल इंश्योरेंस कंपनियां वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष पॉलिसी में कई आधुनिक सुविधाएं भी दे रही हैं, जो पहले उपलब्ध नहीं थीं।

क्रिटिकल इलनेस कवरेज जरूर जोड़ें

बुजुर्गों में हार्ट अटैक, स्ट्रोक, कैंसर, डायबिटीज, किडनी फेलियर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा अधिक रहता है। इसलिए पॉलिसी में क्रिटिकल इलनेस कवर जोड़ना बेहद जरूरी है।

यह कवरेज गंभीर बीमारी की स्थिति में इलाज के बड़े खर्चों से राहत देता है और परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

डोमिसिलियरी हॉस्पिटलाइजेशन का लाभ भी जरूरी

अब कई हेल्थ इंश्योरेंस प्लान में डोमिसिलियरी हॉस्पिटलाइजेशन की सुविधा भी मिलती है। इसमें मरीज का इलाज अस्पताल की बजाय घर पर ही किया जाता है।

यह सुविधा खासतौर पर तब फायदेमंद होती है जब:

  • अस्पताल में बेड उपलब्ध न हो

  • मरीज को अस्पताल ले जाना जोखिम भरा हो

  • डॉक्टर घर पर इलाज की सलाह दें

यदि मरीज का इलाज कम से कम 3 दिन तक चलता है, तो इसका खर्च भी इंश्योरेंस क्लेम में शामिल हो सकता है।

कंज्यूमेबल्स कवर और ओपीडी कवर को न भूलें

लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने पर कई मेडिकल सामान जैसे:

  • ग्लव्स

  • मास्क

  • सिरिंज

  • कॉटन

  • सैनिटाइजर

  • मेडिकल टेप

  • अन्य छोटे उपकरण

इन पर भारी खर्च हो जाता है, लेकिन सामान्य पॉलिसी में ये खर्च अक्सर कवर नहीं होते। इसलिए कंज्यूमेबल्स कवर लेना लाभकारी होता है।

इसके साथ ही बुजुर्गों को बार-बार डॉक्टर से मिलना, टेस्ट करवाना और दवाइयां लेना पड़ता है। ऐसे में OPD कवर बहुत उपयोगी साबित होता है, जिसमें शामिल हैं:

  • डॉक्टर फीस

  • एक्स-रे, डायग्नॉस्टिक टेस्ट

  • दवाइयों का खर्च

फॉल-डिटेक्शन तकनीक बनी बुजुर्गों के लिए सुरक्षा कवच

आजकल कुछ बीमा कंपनियां वरिष्ठ नागरिकों के लिए फॉल-डिटेक्शन टेक्नोलॉजी भी उपलब्ध करा रही हैं। इसमें स्मार्टवॉच या डिवाइस के जरिए व्यक्ति के गिरने की स्थिति में ऑटोमैटिक अलर्ट भेजा जाता है।

इससे:

  • इमरजेंसी कॉन्टैक्ट को तुरंत जानकारी मिलती है

  • मेडिकल सर्विस समय पर पहुंच सकती है

  • स्वास्थ्य की निगरानी लगातार होती रहती है

यह डिवाइस हार्ट रेट, बॉडी टेम्परेचर और ऑक्सीजन लेवल जैसे पैरामीटर भी ट्रैक करते हैं।

नए नियमों से बुजुर्गों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस लेना हुआ आसान

हाल ही में नियामक संस्था IRDAI के नियमों में बदलाव के बाद सीनियर सिटीजन्स को बड़ी राहत मिली है। अब:

  • प्रीमियम में अचानक भारी बढ़ोतरी पर रोक लगाई गई है

  • प्रीमियम बढ़ोतरी अधिकतम 10% तक सीमित की गई है

  • हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने की अधिकतम आयु सीमा हटाई गई है

इसका मतलब यह है कि अब वरिष्ठ नागरिक किसी भी उम्र में हेल्थ इंश्योरेंस खरीद सकते हैं और परिवार के लोग इसे उनके लिए गिफ्ट के रूप में भी ले सकते हैं।

निष्कर्ष

बुजुर्गों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस सिर्फ एक पॉलिसी नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा है। सही प्लान चुनते समय क्रिटिकल इलनेस, डोमिसिलियरी हॉस्पिटलाइजेशन, कंज्यूमेबल्स कवर और OPD जैसी सुविधाएं शामिल करना बेहद जरूरी है।

समय रहते लिया गया एक मजबूत हेल्थ इंश्योरेंस प्लान न केवल इलाज के खर्चों से बचाता है, बल्कि परिवार को मानसिक राहत भी देता है।

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.