Tuesday, July 21

कूनो नेशनल पार्क में खुशियों की गूंज, नामीबियाई चीता ‘आशा’ बनी मां, जन्मे 5 नन्हे शावक

श्योपुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में नामीबियाई चीता ‘आशा’ ने 7 फरवरी 2026 को दूसरी बार 5 शावकों को जन्म दिया है। यह प्रोजेक्ट के लिए ऐतिहासिक और खुशी का पल है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस सफलता की घोषणा की।

इस जन्म के साथ ही भारत में जन्मे जीवित शावकों की संख्या 24 हो गई है, जबकि देश में चीतों की कुल आबादी अब 35 पहुंच गई है।

प्रोजेक्ट चीता की बड़ी उपलब्धि

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि यह सफलता ‘प्रोजेक्ट चीता’ के लिए गर्व और उत्साह का क्षण है। उन्होंने आशा और उसके शावकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की पूरी निगरानी के निर्देश दिए।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इस ऐतिहासिक अवसर पर खुशी जाहिर की और कहा कि यह देश में वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों में एक मील का पत्थर है।

कूनो नेशनल पार्क की महत्वाकांक्षा

कूनो नेशनल पार्क में नामीबियाई चीते को लाकर सफल प्रजनन कार्यक्रम चलाने का उद्देश्य है भारत में चीता आबादी को पुनर्स्थापित करना। आशा की मां बनने की यह दूसरी सफलता इस परियोजना की कामयाबी को दर्शाती है।

“5 नन्हे शावक और मां दोनों स्वस्थ हैं। यह प्रयास हमारे वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बहुत बड़ी उपलब्धि है।” – केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव

इस ऐतिहासिक घटना के साथ कूनो नेशनल पार्क फिर से वन्यजीव प्रेमियों और वैज्ञानिकों के लिए खुशियों और उत्साह का केंद्र बन गया है।

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