Tuesday, July 21

‘नागरिकता पर आरोप राजनीतिक साजिश’ – सोनिया गांधी के वकील ने अदालत में दिया जवाब

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के वकील ने दिल्ली की अदालत में उनके खिलाफ लगाए गए नागरिकता और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों को पूरी तरह गलत, बेबुनियाद और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। वकील ने कहा कि यह शिकायत किसी बाहरी वजह से दायर की गई है और कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है।

यह जवाब विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने के समक्ष पेश किया गया, जो 11 सितंबर, 2025 के मजिस्ट्रेट आदेश को चुनौती देने वाली पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई कर रहे हैं। उस आदेश में आरोप की जांच करने से इनकार किया गया था। अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 21 फरवरी 2026 तय की।

सोनिया गांधी की वकील तरन्नुम चीमा, कनिष्का सिंह और आकाश सिंह ने अदालत में दाखिल जवाब में कहा कि आरोप राजनीति से प्रेरित और कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग हैं। उन्होंने मजिस्ट्रेट के आदेश को सही ठहराया कि नागरिकता के मामले केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, जबकि मतदाता सूची विवाद निर्वाचन आयोग के अधिकार क्षेत्र में है।

जवाब में कहा गया कि शिकायत 25 साल पुराने विवाद को फिर से उठाने के मकसद से दायर की गई थी। इसमें कोई बुनियादी दस्तावेज भी नहीं दिए गए। वकीलों ने अदालत से अनुरोध किया कि पुराने, दुर्भावनापूर्ण आरोपों पर विचार न किया जाए, क्योंकि यह संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा) का उल्लंघन होगा।

सुनवाई से पहले मजिस्ट्रेट ने सितंबर 2025 के आदेश में कहा था कि शिकायत कानूनी तौर पर गलत और अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि जनवरी 1980 में सोनिया गांधी का नाम नयी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता के तौर पर जोड़ा गया, जबकि वह भारतीय नागरिक नहीं थीं।

सोनिया गांधी के वकीलों ने अदालत को बताया कि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल होने का प्रमाण फॉर्म 6 द्वारा आवेदन करना है, और 40 साल से अधिक पुराने रिकॉर्ड के आधार पर आरोप लगाना व्यवहारिक रूप से असंभव है।

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