Tuesday, July 21

भारत-यूरोपीय संघ FTA: चांदी की बारात, खुले नए व्यापार के द्वार

नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुआ नया मुक्त व्यापार समझौता (FTA) देश के लिए आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। यह करार न केवल दोनों पक्षों के व्यापार संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि अस्थिर वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में नियम-आधारित व्यापार का नया मॉडल भी प्रस्तुत करेगा।

इतिहास और पृष्ठभूमि
भारत और यूरोप के बीच व्यापारिक संबंध 250 ईसा पूर्व से समृद्ध रहे हैं। मसलिन, कपास, मसाले, हस्तशिल्प और रत्न यूरोप भेजे जाते थे और इसके बदले भारत को सोना और चांदी मिलता था। आधुनिक दौर में इसे फिर से मजबूत करने के लिए 2007 में FTA वार्ता शुरू हुई। हालांकि 2013 में मतभेदों के कारण यह रुकी, लेकिन 2022 में पुनः वार्ता शुरू हुई और दोनों देशों के दूरदर्शी नेतृत्व के चलते इसे अंतिम रूप दिया जा सका।

मुख्य विशेषताएं और लाभ

  • यह करार लगभग 2 अरब लोगों और 28 देशों को जोड़ने वाले विश्व के सबसे बड़े मुक्त व्यापार क्षेत्रों में से एक का निर्माण करेगा।

  • वस्त्र, चमड़ा, रत्न-आभूषण, लकड़ी, शिल्पकला और समुद्री उत्पादों सहित भारतीय निर्यात को 90% तक निःशुल्क प्रवेश मिलेगा।

  • रसायन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि-प्रसंस्करण और खनिज उद्योग भी EU के जीवंत बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ा पाएंगे।

  • यूरोप के वाहनों और शराब पर भारत ने क्रमिक और चरणबद्ध टैरिफ-कोटा आधारित पहुंच प्रदान की है, जिससे घरेलू उद्योगों का संतुलन बना रहेगा।

सेवाओं में नई संभावनाएं
भारत-EU FTA के तहत 144 सेवा क्षेत्रों में यूरोपीय प्रतिबद्धताएं सुनिश्चित की गई हैं। वित्तीय सेवाओं में भारत की UPI जैसी डिजिटल भुगतान प्रणाली का प्रयोग बढ़ेगा। AYUSH और पारंपरिक चिकित्सा पेशेवर भी यूरोप में अपनी सेवाओं का विस्तार कर सकेंगे।

न्यायसंगत और सतत व्यापार
यह समझौता दोनों बड़े बाजारों के बीच मुक्त, न्यायसंगत और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार संबंध स्थापित करता है। नीति संवाद, तकनीकी सहायता और वित्तीय संसाधनों के उपयोग के माध्यम से सतत विकास और छोटे किसानों की चिंताओं का समाधान भी इसमें शामिल है।

रणनीतिक महत्व
भारत-EU FTA, भारत-UK FTA, EFTA और अन्य व्यापक व्यापार समझौतों के साथ मिलकर सप्लाई चेन व्यवधान के युग में भारत की वैश्विक व्यापार रणनीति को मजबूती देगा। यह करार भारत की नई आर्थिक पहलों को तेज करने और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में उत्प्रेरक की भूमिका निभाएगा।

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.