Tuesday, July 21

गाजियाबाद बना जनवरी में देश का सबसे प्रदूषित शहर, सांस लेना हुआ मुश्किल

गाजियाबाद: जनवरी का महीना गाजियाबाद और पूरे एनसीआर के लिए वायु प्रदूषण के मामले में बेहद चिंताजनक रहा। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में गाजियाबाद पूरे देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। महीने के 16 दिन हवा बहुत खराब और 2 दिन गंभीर श्रेणी में दर्ज किए गए।

सर्दियों की ठंड, धुंध और हवा की धीमी गति ने हालात और बिगाड़ दिए। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के अनुसार, ठंडी हवा में प्रदूषक कण वातावरण में फंस जाते हैं, जिससे गाजियाबाद, दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम लगातार प्रदूषण की सूची में शीर्ष पर बने रहते हैं। जनवरी में केवल एक ही दिन हवा की गुणवत्ता मॉडरेट श्रेणी में रही।

प्रदूषण से स्वास्थ्य पर असर

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार खराब हवा का असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की समस्याओं वाले लोगों की सेहत पर गंभीर रूप से पड़ रहा है।

नगर निगम की योजनाएं

प्रदूषण नियंत्रण के लिए नगर निगम ने 220 करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार प्रोजेक्ट्स की योजना बनाई है। इसमें से 30 करोड़ रुपये विशेष रूप से वायु गुणवत्ता सुधार के लिए रखे गए हैं। योजना के तहत सड़कों के किनारे इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाई जाएंगी, आरसीसी सड़कें बनाई जाएंगी, धूल उड़ने से रोकने के उपाय किए जाएंगे और कूड़ा प्रबंधन व शहर के सौंदर्यीकरण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे।

विशेषज्ञों की चेतावनी

पर्यावरण विशेषज्ञ प्रदीप डाहलिया का कहना है कि सिर्फ निर्माण कार्यों से प्रदूषण नियंत्रण संभव नहीं। वाहन उत्सर्जन, निर्माण धूल और औद्योगिक प्रदूषण पर सख्ती नहीं की गई तो हालात नहीं सुधरेंगे।

मौसम में मिली अस्थायी राहत

हालांकि रविवार को मौसम खुला रहा और नीला आसमान दिखाई दिया। उस दिन गाजियाबाद का AQI 188 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है। अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि अगर ठोस और दीर्घकालिक कदम नहीं उठाए गए, तो गाजियाबाद को फिर से गंभीर वायु प्रदूषण का सामना करना पड़ सकता है।

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