Tuesday, July 21

बिहार में महिला पुलिस बैरक नहीं बनी, दोषी अफसरों पर कार्रवाई तय

पटना: बिहार विधानसभा में सोमवार को महिला पुलिस के बैरक न बनने का मुद्दा गर्मा गया। बीजेपी के पूर्व मंत्री जीवेश मिश्रा ने सदन में सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल के बावजूद राज्य के 246 थानों में केवल 10 में ही महिला पुलिस के लिए बैरक बनवाए गए, जबकि बाकी जगहों पर साल 2022 से अब तक कोई निर्माण नहीं हुआ।

गृह मंत्री ने आश्वासन दिया

गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने जवाब देते हुए कहा कि महिला पुलिस बैरक न बनने के मामले में जांच कराई जाएगी और दोषी अधिकारियों को कानूनी कार्रवाई के तहत दंडित किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जाले और सिंहवाड़ा थानों के जर्जर भवनों की भी जांच की जाएगी।

पूर्व मंत्री का आरोप

जीवेश मिश्रा ने आरोप लगाया कि सरकार का जवाब भ्रामक है। उन्होंने बताया कि जाले और सिंहवाड़ा थानों की मरम्मत के लिए 6 लाख रुपये दिए गए, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। मिश्रा ने कहा कि प्रखंड में थानेदार, सीओ और बीडीओ के लिए आवासन की भी कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है।

आगंतुक कक्ष का मामला

पूर्व मंत्री ने यह भी उठाया कि थानों में आगंतुक कक्ष का निर्माण आदेश 2022 में जारी हुआ था, लेकिन 2026 आते-आते भी यह पूरा नहीं हुआ। मिश्रा ने इसे सरकार की लापरवाही बताया और कहा कि यह स्थिति सुधारने की सख्त जरूरत है।

गृह मंत्री ने कहा कि सभी मामलों की जांच में पूर्व मंत्री भी शामिल रहेंगे और जांच पूरी होने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

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