Tuesday, July 21

यूपी में सपा–कांग्रेस का प्लान B: क्या हिंदू वोटों को बांटकर भाजपा को रोकने की तैयारी?

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राजनीतिक हलकों में सपा और कांग्रेस की रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा के पूर्व विधायक बृजेश मिश्र सौरभ का कहना है कि विपक्ष का लक्ष्य योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा के पक्ष में एकजुट हिंदू वोटों को बांटकर चुनावी लाभ उठाना है।

विपक्ष की कथित योजना

  • भाजपा के पूर्व विधायक के अनुसार, सपा और कांग्रेस प्लान B के तहत आपस में दुश्मनी दिखाकर अलग-अलग चुनाव लड़ सकते हैं।

  • इसके लिए दोनों दल सवर्ण, पिछड़े और दलित उम्मीदवारों को मैदान में उतारेंगे ताकि एनडीए और भाजपा के उम्मीदवारों की राह कठिन हो।

  • खासकर कांग्रेस सवर्ण उम्मीदवारों के माध्यम से भाजपा को नुकसान पहुंचाकर सपा की मदद करने की कोशिश कर सकती है।

  • इस रणनीति का लंबी अवधि का उद्देश्य 2029 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ राहुल गांधी के लिए जमीन तैयार करना बताया जा रहा है।

विपक्ष का रुख

  • सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता फ़खरुल हसन चांद ने बृजेश मिश्र के दावों को खारिज किया।

  • उन्होंने स्पष्ट कहा कि 2027 में सपा और कांग्रेस एक साथ चुनाव लड़ेंगे, और सीटों का बंटवारा दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व द्वारा तय किया जाएगा।

भाजपा की चिंता

  • भाजपा के हलकों में चर्चा है कि सपा-कांग्रेस हिंदू मतों के बंटवारे के प्रयासों में सक्रिय हैं।

  • यदि जातीय समीकरण ध्वस्त हुआ, तो अखिलेश यादव की सफलता की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

  • वर्तमान में यूपी के चुनावी समीकरण भाजपा के पक्ष में नजर आते हैं, लेकिन विपक्षी रणनीति इसे चुनौती देने की कोशिश कर रही है।

चुनावी नैरेटिव और हिंदुत्व मुद्दे

  • हाल की घटनाओं जैसे अविमुक्तेश्वरानंद विवाद और मणिकर्णिका घाट को लेकर उठाए गए मुद्दे सपा-कांग्रेस के रणनीतिक कदमों से जोड़े जा रहे हैं।

  • राजनीतिक विश्लेषक रमेश तिवारी का कहना है कि छोटे समूहों में भाजपा के खिलाफ नाराजगी देखी जा सकती है, लेकिन यूपी में भाजपा का नैरेटिव अभी भी मजबूत है।

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