Tuesday, July 21

सांप पालतू है या जंगली? BJP विधायक के सवाल पर मंत्री फंसे, 10 लाख बनाम 4 लाख मुआवजे पर हंगामा

पटना: बिहार विधानसभा में एक अनोखा लेकिन गंभीर सवाल उठा है। दरभंगा के भाजपा विधायक जीबेश मिश्रा ने सदन में सरकार से पूछा कि क्या सांप पालतू है या जंगली? उन्होंने कहा कि अगर सांप जंगली माना जाता है तो मृतक के परिजनों को मिलने वाले मुआवजे में भेदभाव क्यों किया जा रहा है।

विधायक ने स्पष्ट किया कि सरकार के नियमों के अनुसार जंगली जानवरों के हमले में जान गंवाने वाले पीड़ितों के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजे के रूप में मिलते हैं, जबकि सर्पदंश के मामलों में आपदा प्रबंधन विभाग केवल 4 लाख रुपये ही देता है। इस असमानता पर विधायक ने कड़ा सवाल उठाया और पीड़ितों के लिए समान मुआवजे की मांग की।

मंत्री फंसे, सांप को किया अलग वर्गीकृत
इस सवाल पर पर्यावरण, वन और जलवायु विभाग के मंत्री प्रमोद कुमार ने जवाब देते हुए स्वीकार किया कि सांप भी जंगली जानवर ही है। लेकिन उन्होंने कहा कि सांप की श्रेणी हाथी, बाघ जैसे खूंखार जंगली जानवरों से अलग है, इसलिए सर्पदंश के मामले अलग प्रावधानों के तहत आते हैं और मुआवजे की राशि भी अलग तय की गई है।

सदन में समीक्षा का आश्वासन
विधायक के तीखे सवाल और सदन में हुई लंबी बहस के बाद, मंत्री प्रमोद कुमार ने आश्वस्त किया कि सांप काटने पर मिलने वाले मुआवजे और उसकी श्रेणी के नियमों की समीक्षा विभागीय स्तर पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस विसंगति को दूर करने के लिए गंभीरता से विचार किया जाएगा।

बिहार विधानसभा में यह सवाल न सिर्फ नियमों की विसंगति को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सर्पदंश जैसी घटनाओं में पीड़ितों के लिए उचित राहत सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।

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