Tuesday, July 21

बिहार दौरे पर नितिन नवीन ने कार्यकर्ताओं को भावुक किया, साथ ही दिए बड़े टास्क

पटना: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का पटना आगमन सिर्फ भावुकता भरे भाषणों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने बापू सभागार में देशभर के कार्यकर्ताओं को कार्य का दिशा-निर्देश देते हुए भविष्य में भाजपा के वर्टिकल और हॉरिजॉन्टल विकास की रूपरेखा स्पष्ट की।

वर्टिकल और हॉरिजॉन्टल विकास का मंत्र

  • नितिन नवीन ने वर्टिकल विकास के स्लोगन के तहत संगठन और सत्ता विस्तार का रोडमैप पेश किया।

  • उन्होंने केरल और बंगाल का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे बीजेपी की सत्ता वहां कायम की जा सकती है।

  • भाषण में उन्होंने बिहार के जंगलराज के दिनों और संघर्ष की याद दिलाकर, कार्यकर्ताओं को अपने संघर्ष और समर्पण की प्रेरणा दी।

संघर्ष और आभार का भाव

  • नितिन नवीन ने अपनी राजनीतिक शुरुआत वर्ष 2006 की याद ताज़ा की।

  • दिवंगत पिता नवीन किशोर सिन्हा, तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह और प्रदेश अध्यक्ष नंदकिशोर यादव का आभार व्यक्त किया।

  • उन्होंने उन विधायकों और कार्यकर्ताओं को भी याद किया, जिन्होंने उन्हें राजनीति में मार्गदर्शन दिया।

  • नितिन नवीन ने कहा, “आज राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर होने के बावजूद मैं स्वयं को एक कार्यकर्ता ही मानता हूँ।

कार्यकर्ताओं के लिए प्रमुख संदेश

  • राजनीति कोई शॉर्टकट नहीं, यह निरंतर संघर्ष, सेवा और संगठन के प्रति समर्पण का मार्ग है।

  • कभी कठिनाई दिखे तो निराश नहीं होना, बल्कि समझना कि कुछ अच्छा होने वाला है।

  • कार्यकर्ताओं को टास्क दिया कि उनका लक्ष्य केवल सरकार बनाना ही नहीं, बल्कि सरकार की नीतियों और कार्यों को जनता तक पहुँचाना भी जरूरी है।

इस दौरे के दौरान नितिन नवीन ने न सिर्फ कार्यकर्ताओं को भावनात्मक रूप से जोड़ने का प्रयास किया, बल्कि उन्हें संगठन और भविष्य की जिम्मेदारी का पाठ भी पढ़ाया।

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