Tuesday, July 21

फरीदाबाद के घर में मिली ‘बम बनाने की मशीन’, डॉ. मुजम्मिल शकील का कनेक्शन दिल्ली लाल किला ब्लास्ट से जुड़ा बड़ा खुलासा

फरीदाबाद/दिल्ली, 21 नवंबर। दिल्ली के लाल किले के नजदीक हुई कार ब्लास्ट की जांच में नया मोड़ सामने आया है। जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉ. मुजम्मिल शकील ने अपने फरीदाबाद स्थित घर में आटा चक्की को बम बनाने की मशीन में बदल रखा था।

ब्लास्ट का संदर्भ

10 नवंबर को लाल किले के पास एक कार में धमाका हुआ, जिसमें 13 लोग मारे गए। इस आतंकी हमले के पीछे डॉ. उमर उन नबी का हाथ था, जबकि डॉ. मुजम्मिल शकील इस मॉड्यूल के सह-आरोपी के रूप में सामने आए।

फरीदाबाद में मिला विस्फोटक सेटअप

जांच में पता चला कि मुजम्मिल ने धौज गांव, फरीदाबाद के एक सामान्य घर में आटा चक्की को बम बनाने के लिए इस्तेमाल किया।

  • घर में बिजली की मशीनरी और ग्राइंडर मिली, जिसका उपयोग केमिकल और विस्फोटक पदार्थ को पाउडर में बदलने के लिए किया जा रहा था।
  • यह पूरा सेटअप बेहद सावधानीपूर्वक और दो साल की प्लानिंग के तहत तैयार किया गया था।
  • इसके अलावा, फरीदाबाद से 2900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई थी।

जांच का बड़ा संकेत

जांचकर्ताओं का कहना है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी के कमरा नंबर 13 (मुजम्मिल) और कमरा नंबर 4 (उमर) से मिले सबूत यह साबित करते हैं कि यह टेरर मॉड्यूल लंबे समय से सक्रिय था।

  • फरीदाबाद का घर डॉ. मुजम्मिल ने केवल 1,500 रुपये मासिक किराए पर लिया था।
  • सभी उपकरण और मशीनरी रोजमर्रा के उपयोग की चीजें प्रतीत होती थीं, लेकिन उनका उपयोग आतंक फैलाने के लिए किया जा रहा था

जांच एजेंसियों की कार्रवाई

एनआईए और जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम लगातार सबूत जुटा रही है। जांच में यह साफ हो गया है कि ब्लास्ट और फरीदाबाद मॉड्यूल के पीछे सावधानीपूर्वक और योजनाबद्ध आतंकवाद छुपा था।

जांच अब इस बात की तरफ भी केंद्रित है कि अन्य सहयोगी और आतंकी नेटवर्क किस स्तर तक जुड़े हुए थे और देश में और कितनी साजिशें रची जा रही थीं।

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