Tuesday, July 21

तेजस का 10 साल का बेहतरीन सेफ्टी रिकॉर्ड, कई अंतरराष्ट्रीय एयर शो में दिखा चुका है दम

नई दिल्ली, 22 नवंबर। दुबई एयर शो के दौरान भारतीय वायुसेना का स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस क्रैश होने की घटना ने चिंता जरूर बढ़ाई है, लेकिन इसके बावजूद तेजस का अब तक का सेफ्टी रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। भारतीय वायुसेना पिछले दस वर्षों से इस हल्के मल्टी-रोल फाइटर जेट का संचालन कर रही है और यह देश-विदेश के कई एयर शो में अपनी क्षमता का सफल प्रदर्शन कर चुका है।

2016 में बना पहला स्क्वाड्रन

तेजस का पहला स्क्वाड्रन ‘45 फ्लाइंग डैगर्स’ जुलाई 2016 में सुलूर एयरबेस पर केवल दो विमानों के साथ स्थापित किया गया था।
इसके बाद मई 2020 में ‘18 फ्लाइंग बुलेट्स’ स्क्वाड्रन नलिया में तैयार किया गया।
अब तक वायुसेना में कुल 38 स्वदेशी तेजस फाइटर जेट शामिल किए जा चुके हैं।

कई देशों के एयर शो में दर्ज कराई मौजूदगी

तेजस अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की तकनीकी क्षमता का प्रतीक बन चुका है।
यह दुबई, सिंगापुर सहित कई ग्लोबल एयर शो में लो-लेवल एयरोबैटिक्स के जरिए अपनी हैंडलिंग क्षमता और गतिशीलता का प्रदर्शन कर चुका है।
इन प्रदर्शनों का उद्देश्य संभावित अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने भारतीय तकनीक की श्रेष्ठता दिखाना भी रहा है।

मेगा ऑर्डर ने बढ़ाया भरोसा

भारतीय वायुसेना ने तेजस मार्क-1ए के लिए 1.1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऑर्डर दिया है।
हाल ही में 66,500 करोड़ रुपये की लागत से 97 और जेट का सौदा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ किया गया है।
हालांकि इंजन सप्लाई में देरी और वेपन ट्रायल लंबित रहने के कारण मार्क-1ए की डिलीवरी अभी शुरू नहीं हो पाई है।

अत्याधुनिक हथियारों के लिए तैयार

तेजस मार्क-1ए में चल रहे ट्रायल में शामिल हैं—

  • ‘अस्त्र’ बीवीआर एयर-टू-एयर मिसाइल
  • एडवांस्ड शॉर्ट-रेंज मिसाइल सिस्टम
  • लेजर-गाइडेड बम
    इसके अलावा इजरायली मूल के एल्टा ईएलएम-2052 रडार और फायर कंट्रोल सिस्टम के साथ इन हथियारों के इंटीग्रेशन का परीक्षण भी जारी है।

दुबई एयर शो में क्यों हुआ हादसा?

दुबई में हुए हादसे में वायुसेना के पायलट विंग कमांडर नमांश स्याल का निधन हो गया, जो हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के रहने वाले थे।
एक पूर्व फाइटर पायलट के अनुसार, इतने शुरुआती चरण में दुर्घटना के कारण बताना मुश्किल है।
संभावनाओं में अचानक पावर लॉस या कंट्रोल सिस्टम में तकनीकी खराबी की आशंका पर जांच जारी है।

देश में जांच की प्रतीक्षा

दुर्घटना के बाद वायुसेना ने औपचारिक जांच के आदेश दिए हैं।
तेजस के उत्कृष्ट रिकॉर्ड को देखते हुए विशेषज्ञ मानते हैं कि यह घटना असामान्य है और रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।

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