Tuesday, July 21

बेंगलुरु में 25 नवंबर को मांस बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध, होटल और रेस्तरां में भी शाकाहारी ही मिलेगा भोजन

बेंगलुरु (शशि मिश्रा) – ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) ने साधु थावंरदास लीलाराम वासवानी जयंती के अवसर पर 25 नवंबर, 2025 को पूरे शहर में मांस की बिक्री और पशु वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। इस आदेश के तहत बूचड़खाने, मांस की दुकानें और मांसाहारी व्यंजन परोसने वाले होटल एवं रेस्तरां प्रभावित होंगे।

मांसाहार निषेध दिवस क्यों मनाया जाता है:
25 नवंबर को साधु टी.एल. वासवानी की जयंती के उपलक्ष्य में अंतर्राष्ट्रीय मांसाहार निषेध दिवस और अंतर्राष्ट्रीय शाकाहारी दिवस मनाया जाता है। टी.एल. वासवानी भारतीय शिक्षाविद् और आध्यात्मिक गुरु थे, जिन्होंने शाकाहार और करुणा के संदेश को बढ़ावा दिया।

होटल और रेस्तरां भी शाकाहारी करेंगे मेन्यू बदलाव:
GBA ने सभी मांसाहारी भोजन परोसने वाले प्रतिष्ठानों को एक दिन के लिए मेन्यू बदलकर केवल शाकाहारी भोजन परोसने के निर्देश दिए हैं। आदेश का उल्लंघन करने पर नगरपालिका के नियमों के तहत दंड का सामना करना पड़ सकता है।

निगरानी के लिए टीमें तैयार:
25 नवंबर को नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारियों और प्रवर्तन शाखाओं की संयुक्त टीमें निरीक्षण करेंगी। शहर में मांस व पशु ले जाने वाले वाहनों पर भी रोक रहेगी।

मांस की जगह क्या खा सकते हैं:
खाद्य विशेषज्ञों के अनुसार, मांस के स्थान पर टोफू, टेम्पेह, सीटन, कटहल, मशरूम, बीन्स और छोले जैसे प्रोटीनयुक्त वनस्पति-आधारित विकल्प इस्तेमाल किए जा सकते हैं। ये विकल्प करी, सलाद और अन्य व्यंजनों में शामिल किए जा सकते हैं।

एक दिन के लिए मांसाहार न करने के लाभ:
साधु वासवानी केंद्र के अनुसार, वनस्पति-आधारित भोजन का सेवन करने से कार्बन उत्सर्जन कम होता है, जल संसाधनों का संरक्षण होता है, हृदय रोग का जोखिम घटता है, पाचन बेहतर होता है और ऊर्जा के स्तर में सुधार होता है।

GBA के इस आदेश के माध्यम से शहर में साधु वासवानी की शिक्षाओं का सम्मान करने और लोगों को शाकाहारी विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने का उद्देश्य है।

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