Tuesday, July 21

मानवता के लिए प्रेरणास्रोत: गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर नेताओं ने अर्पित की श्रद्धांजलि

नई दिल्ली। आध्यात्मिक व्यक्तित्व और मातृभूमि के प्रति अटूट प्रेम के प्रतीक, सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस आज पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समेत कई प्रमुख नेताओं ने गुरु जी के बलिदान को याद किया और उन्हें नमन किया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। धर्म, न्याय और दृढ़ता के मार्ग पर चलने का उनका संदेश संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है।” उन्होंने आगे कहा कि हमें गुरु जी की शिक्षाओं को आत्मसात करते हुए साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ हर परिस्थिति का सामना करना चाहिए और सशक्त भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, “धर्म की रक्षा और मानवता के कल्याण के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले महान धर्म योद्धा, सिखों के नौवें गुरु, ‘हिंद दी चादर’ श्रद्धेय श्री गुरु तेग बहादुर जी महाराज के शहीदी दिवस पर उनके चरणों में कोटि-कोटि नमन। उनके पवित्र विचार और शिक्षाएं अनंतकाल तक मानवता के शुभत्व और मंगल का मार्ग प्रशस्त करती रहेंगी।”

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरु जी को धार्मिक दृढ़ता, निर्भयता और मानवीय मूल्यों का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “गुरु जी का जीवन सत्य, न्याय, प्रेम और एकता का संदेश देता है। उनका बलिदान हमें सदैव अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और मानवता की सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।”

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी श्रद्धेय गुरु तेग बहादुर जी को याद करते हुए कहा, “उनकी शहादत देश की आत्मा में बसती है और सदैव सत्य, साहस और इंसानियत के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रहेगी।”

गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान न केवल धार्मिक स्वतंत्रता का प्रतीक है, बल्कि मानवता और इंसानियत के उच्चतम मूल्यों के लिए एक अमूल्य संदेश भी देता है। उनके आदर्श और शिक्षाएं आज भी देशवासियों के लिए मार्गदर्शक बनी हुई हैं।

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