Tuesday, July 21

मिलिट्री यूनिफॉर्म के गलत इस्तेमाल पर सेना सख्त, गाइडलाइन उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई

नई दिल्ली।
भारतीय सेना ने मिलिट्री यूनिफॉर्म के अनधिकृत और गलत उपयोग को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सेना ने सभी कमांड और फॉर्मेशंस को एडवाइजरी जारी कर साफ निर्देश दिया है कि इस्तेमाल की जा चुकी यूनिफॉर्म किसी भी प्राइवेट संस्था, व्यक्ति या विक्रेता को रीसाइकलिंग, दान या बिक्री के लिए न दी जाए। सेना ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित अधिकारियों और इकाइयों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सेना मुख्यालय स्थित इक्विपमेंट मैनेजमेंट निदेशालय की ओर से जारी इस एडवाइजरी में कहा गया है कि भारतीय सेना के लिए यूनिफॉर्म सम्मान, पहचान और संस्थागत गर्व का प्रतीक है। इसका किसी भी प्रकार का दुरुपयोग न केवल सेना की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि सुरक्षा जोखिम भी पैदा कर सकता है।

सुरक्षा पर संभावित खतरा

सेना सूत्रों के मुताबिक हाल में ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां गैर-सेना से जुड़े लोग यूनिटों से संपर्क कर इस्तेमाल की हुई यूनिफॉर्म मांग रहे थे, ताकि उन्हें एक्सेसरीज़ या अन्य उत्पादों में परिवर्तित कर व्यावसायिक उपयोग किया जा सके। सेना का कहना है कि यह स्थापित नियमों का सीधा उल्लंघन है और इससे गंभीर सुरक्षा खतरे उत्पन्न हो सकते हैं।

सेना ने आशंका जताई है कि मिलिट्री यूनिफॉर्म का गलत इस्तेमाल कर कोई व्यक्ति सैनिक बनकर पहचान छुपा सकता है, संवेदनशील क्षेत्रों में प्रवेश कर सकता है या दुश्मन ताकतें इसका दुरुपयोग कर नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकती हैं।

सख्त रोक और स्पष्ट निर्देश

एडवाइजरी में कहा गया है कि:

  • इस्तेमाल की हुई यूनिफॉर्म किसी भी निजी संस्था, नागरिक या विक्रेता को नहीं दी जाए
  • यूनिटें यूनिफॉर्म को अधिकृत चैनलों के बाहर न बेचें और न ही नष्ट करें
  • ड्रेस रेगुलेशंस 2018 के अनुसार ही यूनिफॉर्म का प्रयोग और प्रबंधन किया जाए

सेना ने सभी फॉर्मेशंस को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि कोई भी यूनिफॉर्म ऐसी स्थिति में न पहुंचे, जहां उसका दुरुपयोग संभव हो।

यूनिफॉर्म की सुरक्षा के लिए उठाए कदम

भारतीय सेना पिछले कुछ वर्षों में अपनी यूनिफॉर्म की विशेष पहचान और अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा चुकी है। सेना ने डिजिटल कॉम्बैट यूनिफॉर्म (2022) और डिजिटल कोट कॉम्बैट यूनिफॉर्म (2025) के लिए बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) भी प्राप्त किए हैं।

सेना का मानना है कि नियमों का सख्ती से पालन न केवल सैन्य गरिमा की रक्षा करेगा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत बनाएगा।

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.