Tuesday, July 21

गुवाहाटी टेस्ट में खतरे की घंटी! टूट सकता है टीम इंडिया का 30 साल पुराना स्वर्णिम रिकॉर्ड

गुवाहाटी: साउथ अफ्रीका के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया की बल्लेबाजी लगातार निराश कर रही है। दो मैचों की तीन पारियों में भारतीय बल्लेबाज पूरी तरह फ्लॉप साबित हुए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक किसी भी भारतीय खिलाड़ी के बल्ले से शतक नहीं निकला है। इससे टीम इंडिया का वह स्वर्णिम घरेलू रिकॉर्ड टूटने के कगार पर है, जो पिछले 30 साल से कायम है।

तीन पारियों में बिखरी भारतीय बैटिंग

पहले टेस्ट की पहली पारी में भारतीय टीम 189 रनों पर सिमट गई थी, जबकि दूसरी पारी में तो पूरी टीम मात्र 93 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। गुवाहाटी में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट की पहली पारी में भी भारतीय बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए और टीम 201 रन पर ढेर हो गई।

अब भारतीय टीम के पास केवल एक पारी बची है—वह भी मैच की चौथी पारी, जहां बल्लेबाजी और मुश्किल होने वाली है।

सीरीज में एक भी भारतीय शतक नहीं

इस सीरीज में अभी तक कोई भी भारतीय बल्लेबाज शतक नहीं लगा पाया है। पहले टेस्ट में तो एक अर्धशतक तक नहीं बना। गुवाहाटी टेस्ट में यशस्वी जायसवाल ने जरूर फिफ्टी जड़ी, लेकिन उसे बड़े स्कोर में बदल नहीं सके। दूसरी ओर साउथ अफ्रीका की तरफ से भी केवल तीन ही 50+ स्कोर बने हैं, जिसमें सेनुरन मुथुसामी का शतक शामिल है।

30 साल पुराना रिकॉर्ड खतरे में

घरेलू सरजमीं पर भारत की बल्लेबाजी हमेशा मजबूत मानी जाती रही है। पिछले 30 वर्षों में खेले गए हर घरेलू टेस्ट सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों ने कम से कम एक शतक जरूर जमाया है। आखिरी बार 1995 में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में कोई भारतीय बल्लेबाज शतक नहीं लगा पाया था। तब मोहम्मद अजहरूद्दीन ने सर्वाधिक 87 रन बनाए थे और बारिश से प्रभावित सीरीज भारत ने 1-0 से जीती थी।

इस बार स्थिति पूरी तरह अलग है। टीम इंडिया बैटिंग में निरंतर संघर्ष कर रही है और सीरीज में क्लीन स्वीप का खतरा भी मंडरा रहा है।

12 साल का दबदबा भी टूटने की कगार पर

2012 में इंग्लैंड से हार के बाद भारत ने 12 वर्षों तक घर में कोई टेस्ट सीरीज नहीं गंवाई थी। लेकिन 2024 में न्यूजीलैंड ने भारत को 3-0 से क्लीन स्वीप कर इस वर्चस्व को तोड़ दिया। अब साउथ अफ्रीका भी उसी राह पर नजर आ रही है और भारत को दोबारा क्लीन स्वीप करने के करीब है।

गुवाहाटी टेस्ट की चौथी पारी भारतीय बल्लेबाजों के लिए परीक्षा साबित होगी। अगर कोई खिलाड़ी शतक नहीं लगा पाता, तो 30 साल पुराना स्वर्णिम रिकॉर्ड टूट जाएगा और टीम इंडिया एक और ऐतिहासिक शर्मिंदगी का सामना कर सकती है।

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