Tuesday, July 21

शाहाबाद को चाहिए एयरपोर्ट, NDA की बड़ी जीत के बाद बढ़ी उम्मीदें उपेंद्र कुशवाहा से

बक्सर/सासाराम: शाहाबाद क्षेत्र – जिसमें सासाराम, बक्सर, कैमूर और भोजपुर शामिल हैं – लंबे समय से अपने हवाई अड्डे का इंतजार कर रहा है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि हवाई संपर्क के अभाव में विकास धीमा रह गया है। पूरे उत्तर बिहार में पटना, दरभंगा और पूर्णिया जैसे हवाई अड्डों के विकास के बावजूद शाहाबाद विमानन मानचित्र से गायब है।

इस बार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने 22 में से 19 सीटें जीतकर इस क्षेत्र में राजनीतिक मजबूती दिखाई है। अब लोगों की उम्मीदें आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा और नवनिर्वाचित विधायक स्नेहलता कुशवाहा पर बढ़ गई हैं।

जनसभा में जोरदार मांग
रविवार को सासाराम में आयोजित जनसभा में स्थानीय व्यापारी प्रभात कुमार ने उपेंद्र कुशवाहा और विधायक स्नेहलता कुशवाहा से सुयारा में हवाई अड्डा स्थापित करने का आग्रह किया। उपेंद्र कुशवाहा ने बताया कि जिले के अधिकारियों द्वारा मास्टर प्लान तैयार करने के बाद औपचारिक घोषणा की जाएगी। रोहतास जिले के अधिकारियों के अनुसार, राज्य ने पहले ही औद्योगिक गलियारे के लिए सुयारा में जमीन अधिग्रहित कर ली है और यह जगह विमानन उद्देश्यों के लिए उपयुक्त है।

व्यवसायियों और आम जनता की साझा मांग
बिक्रमगंज के व्यवसायी श्याम जी गुप्ता ने कहा कि बक्सर की उत्तर प्रदेश सीमा से निकटता इसे दो राज्यों के क्षेत्रीय हवाई अड्डे के लिए उपयुक्त बनाती है। फ्लाइट संचालन से डेहरी-ऑन-सोन और पत्थर खनन क्षेत्रों के उद्योगों को भी लाभ मिलेगा।
डॉ. श्वेता कुमारी ने बताया कि हजारों छात्र और मज़दूर हर महीने महानगरों की यात्रा करते हैं। डॉ. संजीव कुमार ने कहा, ‘यहां एक रनवे हमारी किस्मत बदल सकता है।’ अधिवक्ता दिव्यांश सिंह ने भी केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री को पत्र लिखकर बक्सर हवाई अड्डे की योजना में शामिल करने की मांग की।

ऑनलाइन अभियान और सक्रियता
पूर्ववर्ती डुमरांव एस्टेट के मानविजय सिंह ने बताया कि बिहार पहले से ही वीरपुर, वाल्मीकिनगर, सहरसा, मधुबनी, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में नए हवाई अड्डों की योजना बना रहा है। दरभंगा और पूर्णिया में हाल ही में मंजूरी मिली, जबकि बिहटा को वैकल्पिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। शाहाबाद, जो केंद्रीय रूप से स्थित है और आर्थिक रूप से आशाजनक है, अभी भी उपेक्षित है।
रामजी यादव और शाहाबाद भोजपुरिया संघर्ष मोर्चा के संयोजक ने बताया कि स्थानीय युवा समूह, व्यापारिक निकाय और नागरिक संगठनों ने बक्सर, सासाराम और डेहरी में हवाई अड्डे की मांग को लेकर ऑनलाइन अभियान चलाया है।

निष्कर्ष:
शाहाबाद क्षेत्र की बढ़ती आबादी, रणनीतिक स्थिति और मजबूत राजनीतिक प्रतिनिधित्व के बावजूद अभी तक हवाई अड्डे का अभाव रहा है। एनडीए की नई जीत और उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व से अब लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही उनकी यह मांग पूरी हो सकती है।

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