Tuesday, July 21

हम लंका जला देंगे! देवेंद्र फडणवीस का एकनाथ शिंदे पर पलटवार, महाराष्ट्र में खुलकर सामने आई महायुति की लड़ाई

मुंबई/पालघर: महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच तनाव अब खुलकर सामने आ गया है। पालघर जिले के दहानू नगर परिषद क्षेत्र में हुए चुनाव प्रचार के दौरान दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

शिंदे का रावण वाला तंज

पिछले हफ्ते दहानू में एक रैली के दौरान एकनाथ शिंदे ने भाजपा पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा था कि रावण भी अहंकारी था, इसलिए उसकी लंका जला दी गई। शिंदे ने कार्यकर्ताओं को संकेत दिया कि चुनाव में अहंकार और निरंकुशता के खिलाफ एकजुट होकर वोट करें।

फडणवीस का पलटवार

इस पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “जो लोग हमारे बारे में बुरा बोलते हैं, उन्हें नजरअंदाज करें। वे कह सकते हैं कि वे हमारी लंका जला देंगे। हम लंका में नहीं रहते। हम राम के भक्त हैं, रावण के नहीं।” उन्होंने आगे कहा कि “हम वही हैं जो जय श्री राम का नारा लगाते हैं। अयोध्या में राम मंदिर में धर्म ध्वजा का अनावरण इसी भावना का प्रतीक है।”

चुनावी माहौल और बढ़ती दूरियां

पालघर में भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में फडणवीस की रैली उसी इलाके में हुई जहां शिंदे ने परोक्ष रूप से भाजपा की तुलना रावण से की थी। वहीं, शिंदे और फडणवीस के बीच दूरियां तब और बढ़ गईं जब डोंबिवली-कल्याण क्षेत्र में शिंदे के बेटे श्रीकांत के करीबी पूर्व पार्षदों को भाजपा में शामिल किया गया। शिवसेना ने साप्ताहिक कैबिनेट बैठक का बहिष्कार कर इस मुद्दे को उठाया था।

राज्य में महायुति की यह खुली लड़ाई अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का मुख्य विषय बन गई है। राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि निकाय चुनाव के परिणाम दोनों पक्षों के रिश्तों पर बड़ा असर डाल सकते हैं।

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