Tuesday, July 21

खत्म होगा कॉलेजियम सिस्टम? CJI सूर्यकांत ने जजों की नियुक्ति को लेकर दिया बड़ा संकेत

नई दिल्ली: भारत के नए चीफ जस्टिस (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट्स कमीशन (NJAC) की पुनः स्थापना वाली याचिका पर विचार करने का संकेत दिया है। उच्च न्यायपालिका में जजों की नियुक्ति के लिए वर्तमान में मौजूद कॉलेजियम सिस्टम को दशकों पहले सुप्रीम कोर्ट ने ही अपनाया था, लेकिन अब इसके विकल्प पर पुनर्विचार की संभावना उठी है।

एनजेएसी बनाम कॉलेजियम सिस्टम
एनजेएसी को संसद द्वारा लाया गया था ताकि जजों की नियुक्ति में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके, लेकिन 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने इसे असंवैधानिक ठहराते हुए खारिज कर दिया था। उस समय कोर्ट ने कहा था कि कॉलेजियम सिस्टम, जिसमें उच्च न्यायालय के जज ही जजों की नियुक्ति करते हैं, जारी रहेगा।

सीजेआई ने दिया संकेत
बुधवार को 76वें संविधान दिवस के अवसर पर सुप्रीम कोर्ट में वकील मैथ्यूज नेदुमपारा ने कॉलेजियम सिस्टम पर पुनर्विचार और एनजेएसी की बहाली के लिए आग्रह किया। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, “हां, हम इस पर विचार करेंगे।” यह संकेत माना जा रहा है कि जजों की नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार और एनजेएसी को पुनर्जीवित करने पर सुप्रीम कोर्ट अब विचार करने को तैयार है।

सीजेआई का हल्का मजाकिया अंदाज
सुनवाई के दौरान जब वकील ने कहा कि पिछली बेंचों ने उनके अनुरोध पर ध्यान नहीं दिया, तो सीजेआई सूर्यकांत ने हिंदी में कहा, “अब हम हिंदी में जवाब देंगे…जानबूझकर ये कर रहे हो तुम…हम हिंदी में बात करेंगे।” वकील ने कहा कि वह हिंदी नहीं समझते, तब भी सीजेआई ने याचिका पर विचार करने का आश्वासन दिया।

कॉलेजियम सिस्टम की चुनौतियां
सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी माना था कि कॉलेजियम सिस्टम पूरी तरह से संतोषजनक नहीं है। न्यायमूर्ति जेएस खेहर ने कहा था कि जजों की नियुक्ति प्रक्रिया को और बेहतर बनाने की आवश्यकता है। विभिन्न राय और पसंदों का टकराव इसे और चुनौतीपूर्ण बनाता है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना कठिन होता है।

निष्कर्ष:
सीजेआई सूर्यकांत के इस बयान ने उच्च न्यायपालिका में जजों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की अटकलों को तेज कर दिया है। अब देखना यह होगा कि कॉलेजियम सिस्टम की जगह एनजेएसी को पुनर्जीवित करने पर क्या फैसला आता है और भारत के न्यायिक नियुक्ति प्रणाली में कौन से बड़े सुधार किए जाते हैं।

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