Tuesday, July 21

निक्की हत्याकांड: रोहित भाटी की जमानत पर 2 दिसंबर को सुनवाई

ग्रेटर नोएडा: सिरसा गांव में हुई निक्की भाटी हत्या मामले में आरोपी विपिन भाटी के भाई रोहित भाटी की जमानत याचिका पर दो दिसंबर को सत्र अदालत में सुनवाई होगी। आरोपी पक्ष का दावा है कि रोहित घटना के समय वहां मौजूद नहीं था।

आरोपी पक्ष की दलील:
रोहित के वकील ने अदालत में प्रस्तुत याचिका में कहा कि घटना के समय रोहित वहां मौजूद नहीं था। पुलिस की चार्जशीट में कॉल डिटेल्स और अन्य सबूतों के आधार पर यह साबित करने की कोशिश की गई है कि रोहित उस समय कहीं और था। आरोपी पक्ष अपनी ओर से सबूत पेश करेगा और बताएगा कि रोहित को गलत तरीके से फंसाया जा रहा है।

पुलिस और अभियोजन का पक्ष:
पुलिस ने चार्जशीट में विपिन भाटी पर पूर्व नियोजित हत्या और कई महिलाओं से अवैध संबंधों का आरोप लगाया है। आरोप है कि विपिन ने निक्की के साथ मारपीट की और फिर थिनर डालकर जिंदा जला दिया। पुलिस ने बताया कि घटना आकस्मिक नहीं थी, बल्कि सोची-समझी साजिश थी, जिसमें ससुराल के अन्य सदस्य भी शामिल थे।

पृष्ठभूमि:
निक्की और उसकी बहन की शादी विपिन भाटी और रोहित भाटी के साथ 9 सितंबर 2016 को हुई थी। शुरू में दोनों बहनों के ब्यूटी पार्लर की आमदनी स्वीकार्य थी, लेकिन बाद में विपिन और अन्य ससुराली परिवार वालों ने दोनों बहनों को मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान करना शुरू कर दिया। निक्की ने विपिन के अन्य महिलाओं से संबंध होने का विरोध किया, जिसके बाद मारपीट और प्रताड़ना की घटनाएँ बढ़ीं।

आगामी सुनवाई:
सत्र न्यायालय में दो दिसंबर को रोहित भाटी की जमानत याचिका पर सुनवाई होगी। पुलिस और अभियोजन पक्ष जमानत खारिज करने के लिए अपना पक्ष मजबूती से पेश करेंगे, जबकि आरोपी पक्ष अपनी ओर से रोहित की भूमिका स्पष्ट करने का प्रयास करेगा।

निष्कर्ष:
निक्की हत्याकांड की जांच और चार्जशीट में रोहित भाटी की संलिप्तता या बेगुनाही की पुष्टि इस सुनवाई में सामने आ सकती है। यह मामला स्थानीय न्यायिक प्रक्रिया और न्याय की संवेदनशीलता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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