Tuesday, July 21

इंदौर: नाबालिग से दुष्कर्म कर मौसा ने दी मौत, कोर्ट ने सुनाई तिहरी उम्रकैद

इंदौर: घर में अकेली नाबालिग लड़की से दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने वाले मौसा को जिला अदालत ने तिहरी उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को तीन अलग-अलग धाराओं में दोषी ठहराते हुए हर धारा में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पीड़िता के माता-पिता को तीन लाख रुपये प्रतिकर दिए जाने की अनुशंसा की गई।

अदालत ने कहा- रिश्ते का किया दुरुपयोग
अदालत ने अपने फैसले में टिप्पणी की कि आरोपी रिश्ते में मौसा था और उसने भरोसे और रिश्ते दोनों को कलंकित करते हुए 14 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या की। अदालत ने कहा कि यह घटना स्पष्ट करती है कि आज के समय में महिलाएं और बेटियां केवल बाहर ही नहीं, बल्कि घर के अंदर रिश्तेदारों के बीच भी सुरक्षित नहीं हैं।

खौफनाक सच का खुलासा
यह वारदात 21 जून 2022 की है। पीड़िता के पिता ड्राइवर थे और उस दिन काम पर गए थे। मां अपने दोनों बेटियों के साथ मजदूरी पर गई थी। शाम को घर लौटने पर बेटी गायब पाई गई। पास के कमरे में मौसा का दरवाजा बंद मिला। जब दरवाजा तोड़ा गया, तो लड़की का शव खून से लथपथ जमीन पर और आरोपी घायल अवस्था में मिला।

पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट में खुला अपराध
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोरी के गले, चेहरे और पेट पर गंभीर चोटें पाई गईं। उसके प्राइवेट पार्ट से खून मिलने की पुष्टि हुई, जिससे दुष्कर्म का तथ्य स्पष्ट हुआ। कमरे से खून के सैंपल, चाकू, ब्लेड और साड़ी का टुकड़ा बरामद हुआ। आरोपी ने स्वयं को चोट पहुंचाकर साक्ष्य छिपाने और गुमराह करने की कोशिश की।

कमजोर गवाहों के बावजूद साबित हुआ अपराध
तीन साल तक चली सुनवाई में माता-पिता कमजोर गवाह रहे, फिर भी फोरेंसिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से आरोपी की भूमिका पूरी तरह साबित हुई।

बीएनएस की धाराओं में सजा
अदालत ने आरोपी को भादंवि की तीन अलग-अलग धाराओं के तहत तीन तिहरी आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुशीला राठौर, प्रीति अग्रवाल और अविसारिका जैन ने पैरवी की।

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.