Tuesday, July 21

कर्नाटक में ‘ब्रेकफास्ट पॉलिटिक्स’: सिद्धारमैया-डीके शिवकुमार ने नाश्ते पर की बैठक

बेंगलुरु। कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर सत्तासंघर्ष के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने नाश्ते पर मुलाकात की। यह बैठक दोनों नेताओं के बीच दूसरी बार हुई। पहली मुलाकात में इडली-सांभर और उपमा परोसने के बाद, इस बार डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया के लिए पारंपरिक नाटी चिकन और इडली की गरमागरम प्लेटें परोसी।

बैठक का मकसद और चर्चा
डीके शिवकुमार ने बैठक के बाद बताया कि दोनों नेताओं ने राज्य में सुशासन बनाए रखने और विकास कार्यों को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। बैठक के दौरान कांग्रेस के विजन और कर्नाटक की प्राथमिकताओं पर गहन चर्चा हुई।

कांग्रेस में सत्ता संघर्ष
2023 के सत्ता-साझाकरण समझौते के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर आंतरिक असहमति बनी हुई है। डीके शिवकुमार के समर्थक पार्टी नेतृत्व से मांग कर रहे हैं कि उन्हें शेष ढाई वर्षों के लिए मुख्यमंत्री बनाया जाए। इसी तनाव को कम करने और पार्टी एकजुटता बनाए रखने के लिए दोनों नेताओं ने बैठक की।

बैठक में कौन-कौन शामिल
नाश्ते की बैठक में कुनिगल विधायक रंगनाथ और डीके शिवकुमार के भाई एवं पूर्व सांसद डीके सुरेश भी मौजूद थे। कावेरी स्थित निवास पर हुई इस बैठक में दोनों नेताओं ने पार्टी आलाकमान के किसी भी फैसले का पालन करने और भ्रम दूर करने पर सहमति जताई।

सिद्धारमैया का रुख
सिद्धारमैया ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। दोनों नेताओं ने पार्टी के भीतर एकजुटता बनाए रखने और राजनीतिक तनाव को कम करने की दिशा में सहमति जताई।

यह बैठक कर्नाटक में राजनीतिक हलचल के बीच एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है, जिससे कांग्रेस पार्टी के भीतर संतुलन बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

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