Tuesday, July 21

म्यूचुअल फंड्स को गिफ्ट करना अब बेहद आसान, सेबी ने बदले नियम — टैक्स का झंझट भी खत्म

नई दिल्ली: म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने नियमों में अहम बदलाव करते हुए म्यूचुअल फंड यूनिट्स को गिफ्ट या ट्रांसफर करना अब बहुत आसान बना दिया है। इससे न केवल निवेशकों का काम सरल होगा, बल्कि टैक्स का बोझ भी काफी हद तक कम हो जाएगा।

अब बिना बेचे सीधे ट्रांसफर होंगी यूनिट्स

पहले किसी को म्यूचुअल फंड की यूनिट्स गिफ्ट करने के लिए निवेशकों को—

  • यूनिट्स बेचनी पड़ती थीं,
  • उस पर कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता था,
    तब जाकर कहीं यूनिट्स ट्रांसफर हो पाती थीं।
    लेकिन नई व्यवस्था में किसी भी तरह की बिक्री की जरूरत नहीं — यूनिट्स सीधे ट्रांसफर हो सकेंगी।

डीमैट और SOA दोनों तरह की यूनिट्स गिफ्ट हो सकेंगी

सेबी के नए नियमों के अनुसार—

  • डीमैट यूनिट्स
  • स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट (SOA) वाली यूनिट्स

दोनों को ही अब आसानी से गिफ्ट, इनहेरिटेंस, वसीयत या जॉइंट होल्डिंग के तहत ट्रांसफर किया जा सकेगा।
यह बदलाव खास तौर पर SOA यूनिट्स वालों के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि पहले इन्हें ट्रांसफर करना लगभग असंभव था।

गिफ्टिंग और विरासत के नियम हुए सरल

टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव लंबे समय से जरूरी था। अब—

  • परिवार में संपत्ति बांटने,
  • विरासत सौंपने,
  • या जॉइंट होल्डर जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया बेहद सुगम हो जाएगी।

उदाहरण के तौर पर, यदि किसी निवेशक को म्यूचुअल फंड से बड़ी कैपिटल गेन हुई है, तो वह उन यूनिट्स को—
अपने माता-पिता, वयस्क बेटे या बेटी को गिफ्ट कर सकता है।
अगर प्राप्तकर्ता की आय टैक्स छूट सीमा के भीतर है, तो पूरा कैपिटल गेन सेक्शन 87A के तहत टैक्स-फ्री हो सकता है।

बड़ी राहत: 10 लाख का गेन भी हो सकता है टैक्स-फ्री

अंतरराष्ट्रीय टैक्स विशेषज्ञ मुकेश पटेल बताते हैं कि—
अगर किसी निवेशक को 10 लाख रुपये का गेन हुआ है और वह यूनिट्स अपने वयस्क बच्चे को गिफ्ट कर देता है जिसकी कोई आमदनी नहीं है,
तो पूरा गेन पूरी तरह टैक्स-फ्री रहेगा।

उन्होंने कहा कि म्यूचुअल फंड अब भारतीय परिवारों के लिए एक अहम वित्तीय संपत्ति बन चुके हैं, लेकिन पहले गिफ्टिंग और विरासत की प्रक्रियाएं काफी जटिल थीं। नए नियम इस परेशानी को हमेशा के लिए समाप्त कर देंगे।

निवेशकों के लिए बड़ा फायदा, प्रक्रियाएं हुईं आधुनिक

सेबी का यह कदम न केवल प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाएगा, बल्कि पारिवारिक संपत्ति प्रबंधन को भी आसान करेगा। म्यूचुअल फंड्स को अब—

  • गिफ्ट करना,
  • विरासत में देना
  • या जॉइंट होल्डिंग बनाना

पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक हो गया है।

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.