Tuesday, July 21

20 हत्याओं का आरोपी ‘साइको किलर’ अविनाश श्रीवास्तव गिरफ्तार! पटना पुलिस कर रही खूनी खेल का हिसाब

पटना। राजधानी पटना पुलिस ने एक ऐसे खूंखार अपराधी को गिरफ्तार किया है, जिसकी आपराधिक कहानी किसी फिल्मी विलेन से कम नहीं। देखने में बिल्कुल साधारण चेहरा, लेकिन अपराध की दुनिया में उसका नाम बीस से अधिक हत्याओं से जुड़ा हुआ है। यह है—अविनाश श्रीवास्तव उर्फ ‘साइको किलर अमित’, जिसे सोमवार को पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई में गिरफ्तार किया।

सूत्रों के मुताबिक, अविनाश हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आया था और फिर एक प्रमुख व्यवसायी की हत्या की साजिश रच रहा था। पुलिस ने समय रहते उसे पकड़ लिया।

चौक इलाके से दबोचा गया साइको किलर

चौक थाना क्षेत्र के शिकारपुर नालापार से गिरफ्तार किए गए अविनाश के पास से पुलिस ने अवैध हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद किए।
पटना सिटी डीएसपी-2 डॉ. गौरव कुमार ने बताया कि जानकारी मिली थी कि वह अपने गिरोह के साथ किसी बड़ी वारदात की तैयारी में है। उन्होंने खुद विशेष टीम का नेतृत्व करते हुए उसे धर दबोचा।

अविनाश दो दिन पहले ही भागलपुर जेल से जमानत पर रिहा हुआ था।

कौन है अविनाश श्रीवास्तव? कैसे बना ‘साइको किलर’

अविनाश की अपराध यात्रा की शुरुआत 2003 में हुई। डीएसपी के अनुसार, उसके पिता ललन श्रीवास्तव, जो एक बड़े नेता थे, की 2002 में हाजीपुर में हत्या कर दी गई थी।
बदला लेने की आग में अविनाश ने मोइन खान को 32 गोलियां मारकर हत्या कर दी और तीन घंटे तक शव के पास बैठा रहा। यही उसका पहला अपराध था और इसके बाद लगभग 20 हत्याओं का सिलसिला शुरू हो गया।

बड़े-बड़े नाम बने शिकार

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अविनाश पर कई बड़े मामलों में शामिल होने के आरोप हैं। इनमें प्रमुख हैं—

  • पटना की उप-मेयर अमरावती देवी के पति दीना गोप की AK-47 से हत्या
  • अपने पिता के हत्याकांड में संदिग्धों का केस लड़ने वाले वकील की हत्या
  • कैप्टन सुनील के भाई विजय गोप, अजय गोप, लालू गोप, अजीत गोप जैसे कई लोगों की हत्या
  • अन्य पीड़ित—वकील सरदार जी, इम्तियाज, चनारिक गोप, जौहरी मनोज सोनार, राहुल यादव आदि

पुलिस का कहना है कि अविनाश की निशानेबाजी असाधारण थी और वह अपने शिकार पर बेरहमी से लगातार गोलियां बरसाता था।

सभ्य नौकरी छोड़कर अपराध की अंधेरी दुनिया में कैसे उतरा?

पुलिस का कहना है कि अपराध की राह पर जाने से पहले अविनाश पढ़ा-लिखा युवक था। उसने दिल्ली में 40,000 रुपये मासिक वेतन वाली नौकरी भी की थी।
लेकिन पिता की हत्या के बाद बदले की भावना ने उसे पूरी तरह बदल दिया। धीरे-धीरे वह अपराध की दुनिया में ऐसा डूबा कि पुलिस रिकॉर्ड में सबसे खतरनाक हत्यारों की सूची में शामिल हो गया।

2016 की डकैती में पकड़ा गया था—तब बोला था, “गूगल पर मेरा नाम सर्च करो”

हाजीपुर स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 2016 की डकैती के दौरान वह पुलिस के हत्थे चढ़ा था।
पूछताछ में उसने पुलिस से कहा था—

“गूगल पर साइको किलर अमित सर्च करो, सब मिल जाएगा।”

अब गिरफ्तारी के बाद पटना पुलिस उसके पूरे खूनी खेल का हिसाब-किताब जुटा रही है।

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