Wednesday, July 22

अमन गुप्ता की निवेश सफलता: 12 लाख का दांव बना 40 करोड़, मिला 33,000% का रिटर्न

नई दिल्ली: boAt के सह-संस्थापक अमन गुप्ता एक बार फिर सुर्खियों में हैं। शार्क टैंक इंडिया के एक एपिसोड में किया गया उनका मात्र 12 लाख रुपये का निवेश आज इतिहास बना चुका है। नमकीन और भुजिया बनाने वाली छोटी-सी कंपनी ‘लेट्स ट्राई’ (Let’s Try) में लगाया गया यह पैसा अब बढ़कर 40 करोड़ रुपये हो चुका है। यह टैगलाइन देने के लिए काफी है कि—
“33,000% का रिटर्न: एक निवेश जिसने अमन गुप्ता की तकदीर बदल दी।”

क्यों छा गए हैं अमन गुप्ता?

अमन गुप्ता ने अपनी सफलता की यह कहानी एक्स (X) पर साझा की। पोस्ट देखते ही वायरल हो गई।
उन्होंने बताया कि—

  • शार्क टैंक के शुरुआती दिनों में किसी ने Let’s Try में निवेश करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई
  • मगर उन्होंने फाउंडर्स का जुनून देखकर 12 लाख रुपये लगा दिए
  • आज वही निवेश 333 गुना बढ़ चुका है

उनकी 12 लाख की हिस्सेदारी की कीमत आज 40 करोड़ रुपये आँकी जा रही है।

Nvidia में नहीं, ‘भुजिया–चिप्स’ में बना करोड़ों का मुनाफा

अमन ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि जहां एनवीडिया जैसी बड़ी टेक कंपनियों से उतना फायदा नहीं हुआ, वहीं एक साधारण-सा स्नैक ब्रांड उनके लिए जिंदगी बदलने वाला साबित हुआ।

उन्होंने कहा—

“मैं सिर्फ एक्सेल शीट देखकर निवेश नहीं करता। फाउंडर की भूख, जुनून और जिद में मुझे निवेश का भविष्य दिखता है।”

ऐसा रिटर्न कोई लिस्टेड स्टॉक नहीं दे सकता

सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि—

  • इतने बड़े रिटर्न की कल्पना भी किसी लिस्टेड कंपनी में नहीं की जा सकती
  • शुरुआती चरण के स्टार्टअप में जोखिम ज्यादा होता है, लेकिन मुनाफा भी कई गुना

उपयोगकर्ताओं ने मजाक में लिखा—
“असली पैसा सिलिकॉन चिप्स में नहीं, कुरकुरे चिप्स में है।”

शार्क टैंक का ‘सबसे अच्छा फैसला’

रिपब्लिक वर्ल्ड से बातचीत में अमन गुप्ता ने कहा कि Let’s Try में निवेश करना उनकी जिंदगी का सबसे बेहतरीन निर्णय था।
उन्होंने याद किया कि—

  • पहले सीजन में इस पिच को किसी अन्य शार्क का समर्थन नहीं मिला था
  • बाजार में पहले से मौजूद भारी प्रतिस्पर्धा की वजह से लोग इसे ‘बोरिंग कैटेगरी’ मान रहे थे
  • पर उन्होंने फाउंडर्स पर भरोसा किया

आज वही भरोसा करोड़ों में बदल चुका है।

कहानी Let’s Try की

Let’s Try की शुरुआत बेहद भावनात्मक मोड़ से हुई।

  • फाउंडर नितिन विनोद कालरा के भतीजे को थैलेसीमिया हो गया
  • घर में हेल्दी स्नैक्स की जरूरत बढ़ी
  • बाजार में ऐसी भुजिया–चिप्स नहीं थे जिनमें पारदर्शिता और अच्छी सामग्री का इस्तेमाल हो
  • इसी ने जन्म दिया ‘Let’s Try’ को

कंपनी 2021 में लॉन्च हुई और 100% मूंगफली तेल में बने पारंपरिक स्नैक्स से अपने लिए अलग पहचान बनाई।

नितिन कालरा की व्यक्तिगत कहानी भी प्रेरणादायक है—

  • कभी मैकडॉनल्ड्स में 20 रुपये प्रति घंटे की नौकरी
  • फिर 1 करोड़ रुपये की कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ी
  • अपना ब्रांड खड़ा करने के लिए पूरी जिंदगी दांव पर लगा दी

छोटे से निवेश ने अमन गुप्ता को दिया अद्भुत रिटर्न, और स्नैक ब्रांड Let’s Try को मिला जीवन बदल देने वाला स्पॉटलाइट।
यह कहानी बताती है कि—

  • बड़े सपने छोटी शुरुआत से भी पूरे होते हैं
  • सही फाउंडर पर भरोसा करोड़ों का भविष्य बन सकता है

वास्तव में, यह भारतीय स्टार्टअप जगत की सबसे प्रेरणादायक सफलता की कहानियों में से एक बन गई है।

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.