Wednesday, July 22

परमाणु बम नहीं, अब मिसाइलों पर फोकस… पाकिस्तानी नेवी के टेस्ट ने चौंकाया विश्व, ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के बाद बदली मुनीर की रणनीति?

इस्लामाबाद: गहरी आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान हथियारों पर खर्च कम करने के बजाय तेजी से बढ़ा रहा है। एयरफोर्स के बाद अब पाकिस्तान अपनी नेवी को सबसे बड़े सैन्य स्तंभ के रूप में विकसित करने की कोशिश कर रहा है। इसी दिशा में उसे पिछले महीने एक बड़ी सफलता मिली, जिसने कई रणनीतिक संकेत दिए हैं।

पाकिस्तानी नेवी का ‘SMASH’ मिसाइल टेस्ट सफल

25 नवंबर को पाकिस्तान नौसेना ने घोषणा की कि उसने अपनी नई सुपरसोनिक एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल SMASH का सफल परीक्षण किया है।

  • रेंज: 350 किलोमीटर
  • लॉन्च प्लेटफॉर्म: जुल्फिकार-क्लास (F-22P) फ्रिगेट

विशेषज्ञों के अनुसार, यह साफ संकेत है कि पाकिस्तानी सेना चीफ असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ परमाणु हथियारों से ज्यादा मिसाइलों के उत्पादन पर जोर देना चाहते हैं—खासतौर से ऑपरेशन सिंदूर के बाद।

पाकिस्तान की नई मिसाइल रणनीति — A2/AD क्षमता पर फोकस

रक्षा विश्लेषक बिलाल खान बताते हैं कि SMASH पाकिस्तान की बदलती सैन्य रणनीति का हिस्सा है। पाकिस्तान अपनी नौसेना को एंटी-एक्सेस/एरिया-डिनायल (A2/AD) क्षमता देने में निवेश कर रहा है। इसमें शामिल होंगे:

  • लंबी दूरी की मिसाइलें
  • पनडुब्बियां
  • मानव रहित हवाई प्रणालियां (UAS)
  • मानव रहित सतह जहाज (USV)

पाकिस्तानी मिसाइलों का नेटवर्क

पाकिस्तान अब कई मिसाइल सिस्टम समानांतर रूप से विकसित कर रहा है—

  • हारबाह NG (ASCM) – अजमत-क्लास तेज हमला नौकाओं पर तैनात
  • जर्ब – भूमि आधारित एंटी-शिप क्रूज मिसाइल सिस्टम
  • CM-302 – तुगरिल-क्लास (टाइप 054A/P) फ्रिगेट में तैनात, सुपरसोनिक क्षमता के साथ
  • SMASH – नई बैलिस्टिक एंटी-शिप मिसाइल
  • फतह-2 – पाकिस्तान सेना की 400 किमी रेंज वाली मिसाइल, SMASH से काफी मिलती-जुलती

दोनों मिसाइलें एक ही फ्यूजलेज और पिछला स्टेबलाइजर साझा करती हैं, इससे संकेत मिलता है कि पाकिस्तान एक स्टैंडर्ड मिसाइल आर्किटेक्चर पर काम कर रहा है।

क्या पाकिस्तान वास्तव में ‘स्वदेशी’ मिसाइल बना रहा है?

अक्सर कहा जाता है कि पाकिस्तान की मिसाइलें चीन द्वारा उपलब्ध कराई गई तकनीक पर आधारित हैं।
यह आंशिक रूप से सही है, परंतु पाकिस्तानी संगठन NESCOM अब ‘स्वदेशी’ मिसाइल कार्यक्रम पर तेजी से काम कर रहा है। डिज़ाइन चीनी तकनीक से प्रेरित है, लेकिन पाकिस्तान उसे स्थानीय उत्पादन और सुधार के लिए आधार बना रहा है।

इस कार्यक्रम में शामिल हैं:

  • बैलिस्टिक मिसाइलें
  • क्रूज मिसाइलें
  • लोइटरिंग म्यूनिशन (टारगेट पर घूमते रहने वाले स्मार्ट हथियार)

SMASH क्यों है महत्वपूर्ण?

इस मिसाइल का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि:

  • यह चलते हुए जहाजों को लक्ष्य बनाने में सक्षम है
  • अत्याधुनिक टर्मिनल गाइडेंस टेक्नोलॉजी इस्तेमाल करती है
  • कम समय में लक्ष्य पर प्रहार कर सकती है
  • हिंद महासागर में पाकिस्तान की क्षमता बढ़ाएगी

निष्कर्ष — पाकिस्तान की बदलती सैन्य सोच

पाकिस्तान अब परमाणु हथियारों के प्रदर्शन से आगे बढ़कर मिसाइल-आधारित सैन्य शक्ति पर ध्यान दे रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, SMASH का परीक्षण यह स्पष्ट करता है कि
“ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की सैन्य नीति में बड़ा बदलाव आया है—और इसका केंद्रबिंदु अब नेवी और मिसाइल तकनीक है।”

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