Tuesday, July 21

बिहार के 12 हजार शिक्षक हुए दक्ष: सीबीएसई के गुर सीखकर तैयार किए ‘PARAKH’ आधारित पाठ, 5 दिन की ट्रेनिंग हुई सफल

पटना: बिहार में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) द्वारा आयोजित 5 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। कक्षा 6 से 8 तक के 12,000 से अधिक गणित और विज्ञान शिक्षकों ने इस प्रशिक्षण में हिस्सा लिया। कार्यक्रम को तीन चरणों में 17 नवंबर से 5 दिसंबर 2025 तक चलाया गया।

इस प्रशिक्षण का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप शिक्षकों को अनुभवात्मक, कौशल-आधारित और पूछताछ-आधारित शिक्षण पद्धतियों में दक्ष बनाना था। प्रशिक्षण का नेतृत्व सीबीएसई विशेषज्ञों ने किया।

सीबीएसई के विशेषज्ञों से सीखे आधुनिक शिक्षण के गुर

क्षमता निर्माण कार्यक्रम का मुख्य फोकस था—

  • प्रोजेक्ट आधारित लर्निंग (PBL)
  • अनुभवात्मक शिक्षण
  • पूछताछ-आधारित कक्षा अभ्यास

शिक्षकों को ऐसी पाठ योजनाएं बनाने का प्रशिक्षण दिया गया, जो छात्रों में समस्या-समाधान क्षमता, वैचारिक समझ और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देती हैं।
उन्हें यह भी समझाया गया कि यह आधुनिक पद्धति PARAKH जैसे राष्ट्रीय मूल्यांकन मानकों के अनुरूप कैसे काम करती है और सीखने के अंतराल (learning gaps) को कैसे कम करती है।

ट्रेनिंग में शामिल हुए कई महत्वपूर्ण मॉड्यूल

सिर्फ शिक्षण पद्धति ही नहीं, बल्कि प्रशिक्षण सत्रों में इन महत्वपूर्ण विषयों को भी जोड़ा गया—

  • लैंगिक संवेदनशीलता
  • आईसीटी (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) का उपयोग
  • STEM शिक्षा
  • प्रैक्टिकल आधारित गतिविधियाँ
  • ग्रुप वर्क और सहयोगात्मक सीखना

मंत्रा सोशल सर्विसेज टीम, जिसने मॉड्यूल के विकास में सहयोग किया, ने बताया कि कार्यक्रम बेहद सुव्यवस्थित, गतिशील और प्रभावी रहा। शिक्षकों ने बड़ी संख्या में सक्रिय भागीदारी की और प्रत्येक गतिविधि का व्यावहारिक रूप से अनुभव किया।

क्या मिलेगा छात्रों को लाभ?

इस प्रशिक्षण के बाद उम्मीद है कि शिक्षक—

  • अधिक आनंदपूर्ण और अर्थपूर्ण शिक्षा प्रदान करेंगे,
  • छात्रों में जिज्ञासु प्रवृत्ति और तार्किक सोच बढ़ाएंगे,
  • कक्षा को इंटरैक्टिव और समस्या-आधारित बना सकेंगे।

बड़े पैमाने पर किए गए इस प्रयास से छात्रों की सीखने की गुणवत्ता, संकल्पनात्मक समझ और रचनात्मकता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।

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