60 वर्षों से बकरी पालन पर प्रतिबंध, ताड़ी भी नहीं उतरती: नालंदा के नशामुक्त गांव ढकनिया की अनोखी मिसाल
नालंदा। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में स्थित एक छोटा सा गांव इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह गांव है ढकनिया, जो चंडी प्रखंड के गंगौरा पंचायत अंतर्गत आता है। खास बात यह है कि इस गांव में बीते 60 वर्षों से बकरी पालन पर पूरी तरह प्रतिबंध है। इतना ही नहीं, गांव में ताड़ के सैकड़ों पेड़ मौजूद होने के बावजूद यहां ताड़ी निकालने और बेचने की परंपरा भी समाप्त कर दी गई है।
यह गांव आज सामाजिक अनुशासन, आपसी भाईचारे और नशामुक्त जीवनशैली की ऐसी मिसाल बन चुका है, जो बिहार ही नहीं, पूरे देश के लिए प्रेरणा है।
बकरी पालन से शुरू हुआ विवाद, पंचायत ने बनाया नियम
ढकनिया गांव के ग्रामीणों के अनुसार, करीब 50-60 वर्ष पहले गांव में भी अन्य गांवों की तरह बकरी पालन आम था। लेकिन बकरियां अक्सर खुलकर घूमती थीं और दूसरे लोगों की फसलों को नुकसान पहुंचाती थीं।
इससे गांव में...










