बिहार में बाढ़ की त्रासदी: 2024-25 में 2,000 से अधिक मौतें
बिहार में हर साल बाढ़ जन-धन और मानव जीवन के लिए भारी संकट बनकर आती है। 2024-25 में बाढ़ से 2,039 लोगों की मौत हुई, जबकि राज्य में अन्य प्राकृतिक आपदाओं में 508 लोगों की जान गई। कुल मिलाकर, पिछले वर्ष 2,547 लोगों की मौत प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुई, जो पिछले वर्ष 2,140 की तुलना में 407 अधिक है।
बिजली गिरने से 305 लोगों की मौत हुई, आग के कारण 143 और हीटवेव से 34 लोगों की जान गई। राज्य का लगभग 73.6% भौगोलिक क्षेत्र बाढ़ प्रभावित है। बिहार की अधिकांश नदियों का उद्गम नेपाल और तिब्बत में होता है, जिससे बारिश और हिम पिघलने पर भारी बाढ़ आती है। प्रमुख नदियों में कोसी, गंडक, बागमती, कमला, बूढ़ी गंडक, महानंदा और घाघरा शामिल हैं।
इतिहास में भी बिहार बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित रहा है। 1998 में बाढ़ से 381 लोगों की मौत हुई और 9,284 लाख रुपये की सार्वजनिक संपत्ति नष्ट हुई। 2002 में 489 मौतें हुईं और फस...










