Tuesday, July 21

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2026 में अमेरिका पढ़ाई के लिए जाना है? जानें तैयारी का सही तरीका और जरूरी डेडलाइन
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2026 में अमेरिका पढ़ाई के लिए जाना है? जानें तैयारी का सही तरीका और जरूरी डेडलाइन

नई दिल्ली। अमेरिका में उच्च शिक्षा के लिए पढ़ाई की इच्छा रखने वाले लाखों छात्र-छात्राएं 2026 फॉल इनटेक (Fall Intake) के लिए तैयारी में जुट गए हैं। अगर आप अगस्त या सितंबर 2026 में अमेरिका के किसी टॉप यूनिवर्सिटी में दाखिला लेना चाहते हैं, तो अभी से तैयारी शुरू करना बेहद जरूरी है। अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट एडमिशन की समय-सारिणी अंडरग्रेजुएट (UG): अधिकांश यूनिवर्सिटीज में ‘रेगुलर डिसीजन’ के तहत आवेदन नवंबर 2025 से शुरू हो जाते हैं। अंतिम तारीख जनवरी 2026 तक रहती है, कुछ यूनिवर्सिटीज में यह फरवरी 2026 तक बढ़ाई जा सकती है। पोस्टग्रेजुएट (PG): आवेदन नवंबर 2025 से मार्च 2026 तक दिए जा सकते हैं, यह कोर्स और डिपार्टमेंट पर निर्भर करता है। क्लास की शुरुआत ज्यादातर अमेरिकी यूनिवर्सिटीज में 2026 फॉल इनटेक के तहत क्लास अगस्त या सितंबर के पहले सप्ताह से शुरू होंगी। कुछ यूनिवर्सिटीज म...
कनाडा ने भारतीय स्टूडेंट्स और वर्कर्स को दी बड़ी खुशखबरी, अब PR मिलेगा आसानी से
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कनाडा ने भारतीय स्टूडेंट्स और वर्कर्स को दी बड़ी खुशखबरी, अब PR मिलेगा आसानी से

ओटावा (NBT NEWS DESK)। कनाडा ने 2026–2028 के लिए अपना नया इमिग्रेशन लेवल प्लान जारी कर दिया है, जो देश में पहले से रह रहे स्टूडेंट्स और स्किल वर्कर्स के लिए परमानेंट रेजिडेंसी (PR) पाने का मार्ग आसान बना देगा। इस योजना के तहत सरकार उन लोगों को प्राथमिकता देगी, जो पहले से ही कनाडा की अर्थव्यवस्था और समाज में योगदान दे रहे हैं। कनाडा के इमिग्रेशन प्लान की मुख्य बातें: इमिग्रेशन मिनिस्टर लीना दियाब ने कहा कि IRCC पहले से रह रहे अस्थायी रेजिडेंट्स को PR के लिए प्राथमिकता देगा। हाई स्किल वर्कर्स के लिए मुख्य रास्ता एक्सप्रेस एंट्री (Express Entry) रहेगा। 2026 में 1,09,000, जबकि 2027 और 2028 में 1,11,000 लोगों को एक्सप्रेस एंट्री के तहत PR मिलने का लक्ष्य रखा गया है। कुल PR का 64% आर्थिक इमिग्रेशन के लिए आवंटित है, जिसमें Canadian Experience Class (CEC) शामिल है, जो वर्क एक्सपीरियंस...
भारत के सुखोई-30 जेट ने जापान में दिखाया दम, पायलट ने उड़ाया एफ-15, चीन की चिंता बढ़ी
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भारत के सुखोई-30 जेट ने जापान में दिखाया दम, पायलट ने उड़ाया एफ-15, चीन की चिंता बढ़ी

टोक्यो, संवाददाता: हिंद प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय वायुसेना के सुखोई-30 एमकेआई फाइटर जेट जापान पहुंचे और भारतीय पायलटों ने जापानी एफ-15 जेट उड़ाकर सामरिक ताकत का प्रदर्शन किया। यह कदम चीन और रूस की सैन्य तैयारियों के बीच क्‍वॉड देशों—भारत, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया—के बीच बढ़ते सहयोग का संकेत है। 🔹 जापान में भारतीय सुखोई-30 का स्वागत जापानी सेना ने अपने कोमात्सु एयर बेस पर भारतीय सुखोई-30 एमकेआई जेट का स्वागत किया। 5 और 6 नवंबर को दोनों देशों के पायलटों ने संयुक्त हवाई अभ्यास किया, जिसमें दुश्‍मन के इलाके में सटीक हमलों और हवाई खतरे से निपटने का अभ्यास शामिल था। भारतीय पायलटों ने इस दौरान जापानी एफ-15 जेट का भी अनुभव लिया, जिससे दोनों देशों के बीच भरोसे और सहयोग की मिसाल पेश हुई। 🔹 सुखोई-30 की ताकत और चीन की चिंता भारत का सुखोई-30 जेट रूस द्वारा निर्मित है...
📰 कौन है डॉक्टर रुकैया? आतंकी आदिल अहमद से शादी कर हनीमून की तैयारी में थी सर्जन पत्नी, पर सलाखों के पीछे पहुंच गया दूल्हा
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📰 कौन है डॉक्टर रुकैया? आतंकी आदिल अहमद से शादी कर हनीमून की तैयारी में थी सर्जन पत्नी, पर सलाखों के पीछे पहुंच गया दूल्हा

नई दिल्ली, संवाददाता:फरीदाबाद के जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल से जुड़े आतंकी डॉ. आदिल अहमद की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया है। आदिल वही डॉक्टर है, जिसने हाल ही में अक्टूबर 2025 में डॉक्टर रुकैया से शादी की थी और दोनों हनीमून पर जाने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन 6 नवंबर को एनआईए और एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में आदिल को गिरफ्तार कर लिया गया। अब सवाल यह है कि आखिर कौन है डॉक्टर रुकैया, जिससे आदिल ने निकाह किया था? 🩺 श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से पढ़ी सर्जन डॉक्टर रुकैया मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉक्टर रुकैया एक प्रोफेशनल सर्जन हैं और उन्होंने श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से अपनी मेडिकल डिग्री (MBBS) पूरी की है। वे मूल रूप से कश्मीर के कुलगाम जिले की रहने वाली हैं। शादी से पहले रुकैया जम्मू-कश्मीर के एक सरकारी मेडिकल संस्थान में कार्यरत थीं और अपने क्षेत्र में एक कुशल डॉक्टर के रूप में जानी...
50 घंटे बीत गए, फिर भी नहीं मिली जिम्मेदारी: दिल्ली लालकिला ब्लास्ट से दहला देश, किस पर है शक?
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50 घंटे बीत गए, फिर भी नहीं मिली जिम्मेदारी: दिल्ली लालकिला ब्लास्ट से दहला देश, किस पर है शक?

नई दिल्ली, प्रतिनिधि।देश की राजधानी दिल्ली के लालकिला क्षेत्र में हुआ 10 नवंबर की शाम का कार ब्लास्ट अब भी रहस्य बना हुआ है। इस भयावह धमाके को हुए 50 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। धमाके में 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायल हैं। इस घटना ने न सिर्फ दिल्ली, बल्कि पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। 🚨 जांच में जुटी शीर्ष एजेंसियां धमाके की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की टीमें संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं।फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि कार में किस प्रकार का विस्फोटक इस्तेमाल किया गया था।एजेंसियों को आशंका है कि कुछ और आतंकी दिल्ली या आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय हैं और किसी बड़े हमले की साजिश रच रहे हैं। 💣 जैश-ए-मोहम्मद पर गहराया शक ...
चीन बना रहा परमाणु ऊर्जा से चलने वाला महाशक्तिशाली एयरक्राफ्ट कैरियर, समंदर में भारत-अमेरिका की बढ़ी चिंता
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चीन बना रहा परमाणु ऊर्जा से चलने वाला महाशक्तिशाली एयरक्राफ्ट कैरियर, समंदर में भारत-अमेरिका की बढ़ी चिंता

बीजिंग। चीन की सैन्य महत्वाकांक्षाओं ने एक बार फिर दुनिया को चौंका दिया है। लियाओनिंग प्रांत के डालियान शिपयार्ड से सामने आई नई तस्वीरों ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि चीन अपने पहले परमाणु ऊर्जा संचालित विमानवाहक पोत — ‘टाइप 004’ (Type 004 Aircraft Carrier) — पर तेज़ी से काम कर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार यह परियोजना चीन की नौसेना शक्ति को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी और उसे अमेरिका के समकक्ष खड़ा कर देगी। समंदर में ‘ड्रैगन’ की नई छलांग सामने आई उपग्रह तस्वीरों में टाइप 004 के डेक पर रिएक्टर कंटेनमेंट जैसी संरचना देखी गई है, जो यह संकेत देती है कि यह पोत न्यूक्लियर प्रोप्लजन सिस्टम (परमाणु प्रणोदन प्रणाली) से संचालित होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह डिज़ाइन अमेरिकी फोर्ड श्रेणी के सुपरकैरियर से काफी हद तक मेल खाता है। यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब चीन ने हाल ही में अपना तीसरा विमा...
दिल्ली धमाका: सुसाइड बॉम्बर को दिए गए ₹20 लाख, पैसों को लेकर डॉ. उमर नबी और डॉ. मुजम्मिल में हुआ विवाद
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दिल्ली धमाका: सुसाइड बॉम्बर को दिए गए ₹20 लाख, पैसों को लेकर डॉ. उमर नबी और डॉ. मुजम्मिल में हुआ विवाद

नई दिल्ली: 10 नवंबर को लाल किले के पास आई20 कार में हुए आतंकवादी धमाके की जांच में अहम जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, इस सुसाइड बॉम्बर को 20 लाख रुपये दिए गए थे, जिनमें से एक बड़ी रकम का इस्तेमाल आईईडी बनाने के लिए केमिकल खरीदने में किया गया। चार शहरों में थे धमाकों की योजना:सूत्रों ने बताया कि कुल आठ संदिग्ध आतंकवादी देश के अलग-अलग शहरों में सीरियल धमाकों की तैयारी में थे। ये आतंकी दो-दो के ग्रुप में बंटकर चार शहरों में अलग-अलग आईईडी धमाकों की योजना बना रहे थे। लाल किले पर हुए धमाके के लिए सुसाइड बॉम्बर डॉ. उमर नबी को यह 20 लाख रुपये दिए गए। पैसों को लेकर विवाद:जांच में पता चला कि डॉ. उमर नबी और डॉ. मुजम्मिल शकील के बीच पैसों को लेकर झगड़ा भी हुआ। दोनों ने पहले गुरुग्राम, नूंह और आसपास के इलाकों से 20 क्विंटल से अधिक एनपीके (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशिय...
AH-64E अपाचे हेलिकॉप्टर: भारत के लिए अमेरिका ने दी देरी, पाकिस्तान और तुर्की के दबाव की आशंका
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AH-64E अपाचे हेलिकॉप्टर: भारत के लिए अमेरिका ने दी देरी, पाकिस्तान और तुर्की के दबाव की आशंका

नई दिल्ली: भारतीय सेना को मिलने वाले 3 AH-64E अपाचे गार्जियन अटैक हेलिकॉप्टरों की डिलीवरी में अचानक देरी आ गई है। अमेरिकी बोइंग की लॉजिस्टिक समस्याओं और तुर्की एवं पाकिस्तान से जुड़े कूटनीतिक दबाव की वजह से कार्गो विमान भारत की ओर लौट आया। यह घटना भारतीय रक्षा मंत्रालय के लिए चिंता का विषय बन गई है। अमेरिका ने अचानक यू-टर्न लिया मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बोइंग के नजदीकी संयंत्र से अपाचे हेलिकॉप्टरों को An-124 मालवाहक विमान पर लादकर 1 नवंबर को अमेरिका से इंग्लैंड की ओर रवाना किया गया। हेलिकॉप्टर पहले से ही भारतीय सेना के विशिष्ट रेगिस्तानी रंग में रंगे हुए थे। लेकिन इंग्लैंड में आठ दिनों तक रुके रहने के बाद विमान भारत की ओर नहीं बढ़ा और 8 नवंबर को वापस अमेरिका लौट गया। अपाचे के रोटर भी उतार दिए गए ब्रिटेन के एयरपोर्ट पर अपाचे को उतारते समय उनके रोटर (घूमने वाले पंख) भी हटा दिए...
लाल किला विस्फोट: टैटू से हुई पहचान, मारे गए कारोबारी अमर कटारिया की मौत से परिवार में मातम
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लाल किला विस्फोट: टैटू से हुई पहचान, मारे गए कारोबारी अमर कटारिया की मौत से परिवार में मातम

नई दिल्ली: लाल किले के पास हुए आत्मघाती हमले में मारे गए 10 लोगों में से एक की पहचान उसके टैटू से हुई। मृतक अमर कटारिया, चांदनी चौक के रहने वाले 34 वर्षीय फार्मास्युटिकल कारोबारी थे। उनके दोनों हाथों पर माता-पिता और पत्नी के नाम के टैटू गुदे हुए थे। एक हाथ पर लिखा था ‘Mom my first love’, ‘Dad my strength’, और दूसरे हाथ पर उनकी पत्नी का नाम ‘Kriti’। अमर के पिता जगदीश कटारिया ने इंडिया टुडे से बातचीत में बताया, "मंगलवार तड़के अस्पताल से फोन आया कि शव पर टैटू हैं। गले में रुकती आवाज और आंखों में आंसू लेकर मैंने कहा—मेरा बेटा।" अमर की मौत की खबर सुनते ही उनके घर में मातम छा गया। माता-पिता और बहन फूट-फूटकर रो पड़े। सोमवार की रात अमर अपने परिवार—पिता, मां, पत्नी कृति और तीन साल के बेटे—के साथ डिनर पर जाने वाले थे। उन्होंने पिता को फोन कर कहा था कि उन्हें रास्ते में ले लें ताकि सब साथ रहें।...
अवैध ढाबों पर खड़ी गाड़ियां बन रही हैं राजमार्ग हादसों की बड़ी वजह, सुप्रीम कोर्ट ने जताई गंभीर चिंता
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अवैध ढाबों पर खड़ी गाड़ियां बन रही हैं राजमार्ग हादसों की बड़ी वजह, सुप्रीम कोर्ट ने जताई गंभीर चिंता

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राजस्थान और तेलंगाना में हाल ही में हुए सड़क हादसों का खुद संज्ञान लिया। कोर्ट ने हाइवे के किनारे अवैध ढाबों की मौजूदगी पर चिंता जताई और कहा कि इन ढाबों पर खड़ी गाड़ियों के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस जे.के. महेश्वरी और जस्टिस विजय विश्नोई शामिल हैं, ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को आदेश दिया है कि वे सड़क किनारे अवैध ढाबों और सड़क मेंटेनेंस की स्थिति पर रिपोर्ट पेश करें। बेंच ने दो सप्ताह के भीतर सर्वे कराने का निर्देश दिया, ताकि यह पता चल सके कि किन क्षेत्रों में ऐसे ढाबे गैर-नोटिफाई स्थानों पर बनाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि हाल ही में फलोदी (राजस्थान) और तेलंगाना में हुई दुर्घटनाओं में क्रमशः 18 और 19 लोगों की जान गई। समाचार रिपोर्टों के ...