Tuesday, July 21

गुटखा-तंबाकू पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग, राजद सांसद ने लोकसभा में उठाई आवाज

नई दिल्ली/बक्सर। लोकसभा में गुरुवार को राजद सांसद सुधाकर सिंह ने गुटखा और पान मसाला पर उपकर लगाने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए इन हानिकारक उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग कर डाली। सांसद ने स्पष्ट कहा कि सरकार यदि सचमुच जनता के स्वास्थ्य की चिंता करती है, तो टैक्स बढ़ाने के बजाय इन उत्पादों के उत्पादन और बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाए।

प्रस्तावित ‘स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025’ पर बोलते हुए सुधाकर सिंह ने कहा कि सरकार गुटखा और पान मसाला जैसी “पाप वस्तुओं” पर उपकर लगाकर जन स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा कोष बनाने की बात कर रही है, लेकिन असल उद्देश्य स्वास्थ्य संरक्षण नहीं बल्कि राजस्व बढ़ाना दिखाई देता है।

“क्या सिर्फ उपकर लगाने से सुधरेगा लोगों का स्वास्थ्य?”—सुधाकर सिंह

लोकसभा में अपनी बात रखते हुए उन्होंने सवाल किया—
“गुटखा और पान मसाला पर उपकर लगाने से लोगों का स्वास्थ्य आखिर कितना सुधरेगा? अगर सरकार युवा पीढ़ी को सच में बचाना चाहती है, तो इन घातक उत्पादों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि गुटखा-तंबाकू के दुष्परिणामों से देश में लाखों लोग प्रभावित हैं, ऐसे में केवल कर बढ़ाना एक ‘ईमानदार स्वास्थ्य पहल’ नहीं बल्कि नागरिकों से अतिरिक्त राजस्व वसूलने का नया तरीका लगता है।

विधेयक में ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ शब्द जोड़ने पर सवाल

राजद सांसद ने आरोप लगाया कि विधेयक में “राष्ट्रीय सुरक्षा” जैसे शब्द शामिल करना, राजस्व से जुड़ी वास्तविक जानकारी को जनता से छिपाने का प्रयास प्रतीत होता है।
उन्होंने कहा कि यदि उद्देश्य स्वास्थ्य सुरक्षा है, तो सरकार को साहस दिखाते हुए इन उत्पादों को बाजार से पूरी तरह हटाने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।

प्रवर समिति को भेजने की मांग

सुधाकर सिंह ने मांग की कि इस विधेयक को विस्तृत जांच के लिए प्रवर समिति के पास भेजा जाए, ताकि जनहित और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता मिल सके।

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