Tuesday, July 21

राजस्थान की खाप पंचायत का तुगलकी फरमान: उदयपुर के परिवार की बंद हुई रोज़ी-रोटी

 

उदयपुर: राजस्थान के वीरपुरा गांव में एक खाप पंचायत ने ऐसा विवादित फैसला लिया है, जिसने पूरे इलाके में हलचल और डर का माहौल पैदा कर दिया है। ओगणा पंचायत समिति की इस खाप पंचायत ने रतनलाल पटेल और उनके परिवार का हुक्का-पानी बंद करने का आदेश जारी किया है। साथ ही गांव वालों को चेतावनी दी गई है कि इस परिवार से किसी भी तरह का सहयोग करने पर भारी जुर्माना देना होगा।

 

पंचायत का फरमान:

पंचायत ने सार्वजनिक घोषणा के माध्यम से आदेश दिया है कि अगर कोई व्यक्ति इस परिवार से बातचीत करता है या उनकी किराने की दुकान से सामान खरीदता है, तो उस पर 5,100 रुपए का जुर्माना लगेगा। इसके अलावा परिवार को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष सहयोग करने पर 11,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।

 

गोचर भूमि विवाद के चलते बहिष्कार:

रतनलाल पटेल ने बताया कि उन पर और उनके परिवार पर गोचर भूमि पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। हाल ही में उन्होंने गांव में बाउंड्रीवाल बनाने का काम शुरू किया था, जिसे विरोध के चलते रोकना पड़ा। बावजूद इसके पंचायत ने उन्हें और उनके परिवार को सामाजिक बहिष्कार की सजा सुनाई है।

 

प्रशासन से गुहार:

इस तुगलकी फरमान से परेशान रतनलाल ने उदयपुर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि वे किराने की दुकान और ठेकेदारी का काम करके अपनी रोज़ी-रोटी चला रहे हैं, लेकिन पंचायत के इस फैसले ने उनके जीवन को बेहद कठिन बना दिया है।

 

इस विवादित फैसले ने एक बार फिर खाप पंचायतों के अधिकार और उनके सामाजिक नियंत्रण पर बहस को जोर दिया है।

 

 

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