Tuesday, July 21

प्रेमानंद महाराज ने महिला कानून के दुरुपयोग पर जताई नाराजगी, बोले- यह शोषण के लिए नहीं

 

मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा-वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज ने महिला सुरक्षा के लिए बने कानून के दुरुपयोग पर गंभीर चिंता जताई है। वृंदावन के श्रीहित राधा केलीकुंज आश्रम में एक भक्त के सवाल का जवाब देते हुए प्रेमानंद महाराज ने कहा कि महिला कानून का उद्देश्य पीड़ित की रक्षा करना है, न कि निर्दोष व्यक्ति को प्रताड़ित करना।

 

प्रेमानंद महाराज ने स्पष्ट रूप से कहा कि कानून का दुरुपयोग शोषण के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शुभ-अशुभ कर्मों का फल हमें यहीं भोगना पड़ता है और अगर कोई निर्दोष व्यक्ति कानून का गलत फायदा उठाता है, तो उसका परिणाम अंततः उसे ही भुगतना पड़ेगा।

 

कानून के दुरुपयोग पर चिंता

प्रेमानंद महाराज ने कहा कि वर्तमान में कुछ लोग, खासकर महिलाएं, कानून का गलत फायदा उठाकर पुरुषों और उनके परिवार का शोषण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई परिवार जान-बूझकर अपनी बेटियों का साथ देकर दूसरों से पैसे लूटने की कोशिश कर रहे हैं, जो पूरी तरह से अधर्म है।

 

महाराज ने एक उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे एक समय में पुरुषों ने महिलाओं पर अमानवीय अत्याचार किए थे, जिसके कारण महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार को कड़े कानून बनाने पड़े थे।

 

झूठे मुकदमे और शोषण पर चेतावनी

महाराज ने झूठे मुकदमों और शोषण की घटनाओं पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति कानून का गलत फायदा उठाकर किसी निर्दोष को परेशान करता है, तो अंत में भगवान का न्याय होगा। उन्होंने समाज को चेतावनी दी कि अपने कर्मों का फल इसी जीवन में भोगना पड़ता है।

 

समाज में गिरते रिश्तों पर विचार

प्रेमानंद महाराज ने समाज में बढ़ते पारिवारिक विवादों और रिश्तों के टूटने के पीछे पाश्चात्य संस्कृति के अंधानुकरण और आध्यात्मिकता से दूरी को मुख्य कारण बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं के बीच संयम की कमी और गलत रिश्तों की संस्कृति से विवाहिक जीवन में स्थिरता नहीं रहती।

 

सुखी गृहस्थी का मंत्र

प्रेमानंद महाराज ने समाज को एक सुखी गृहस्थ जीवन जीने का मंत्र दिया। उन्होंने पति-पत्नी को एक दूसरे के प्रति समर्पित रहने और अच्छे दोस्त की तरह जीवन जीने की सलाह दी। उन्होंने पीड़ित पुरुषों को धैर्य रखने और भगवान की शरण में जाने की सलाह दी, साथ ही कहा कि अगर समाज धर्म के मार्ग पर चले तो कानूनी लड़ाइयों की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी।

 

निष्कर्ष: प्रेमानंद महाराज ने महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में अपनी बात रखी, साथ ही कानून के दुरुपयोग और शोषण की घटनाओं पर कड़ी चेतावनी दी। उनका मानना है कि अगर समाज सही मार्ग पर चले तो पारिवारिक विवादों और कानूनी समस्याओं को रोका जा सकता है।

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.