Tuesday, July 21

पश्चिम के पाखंड पर जयशंकर का बड़ा हमला, भारत के लिए सलाह देने वाले देशों को लताड़ा

 

 

नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने लक्जमबर्ग में भारत और दक्षिण एशियाई देशों के खिलाफ पश्चिमी देशों के दोहरे रवैये पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान पश्चिमी देशों द्वारा भारत को दी गई सलाह को पाखंड करार दिया और इस पर तीखा हमला बोला।

 

जयशंकर ने कहा, “जब पश्चिमी देशों में हिंसा होती है तो हम कभी नहीं टोकते, लेकिन जब भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के तहत जवाबी कार्रवाई की, तो पश्चिम के कई देशों ने हमसे ज्ञान देना शुरू कर दिया था।”

 

पश्चिमी देशों का दोहरा रवैया:

विदेश मंत्री ने कहा कि जब दक्षिण एशिया से बहुत दूर के देशों को भारत और पाकिस्तान के मामलों पर टिप्पणी करने का अवसर मिलता है, तो वे बिना पूरी संवेदनशीलता और जमीनी हकीकत को समझे, हस्तक्षेप करने लगते हैं। उन्होंने कहा, “कई बार पश्चिमी देशों का अपना हित होता है, और कभी-कभी वे लापरवाही से बोलते हैं।”

 

हम उनके मामलों में क्यों नहीं बोलते:

जयशंकर ने सवाल उठाया कि जब पश्चिमी देशों में हिंसा होती है, तो वे अपनी चिंता भारत को क्यों नहीं बताते? उन्होंने कहा, “हमने कभी उनके मामलों में टांग नहीं अड़ाई, लेकिन जब भारत ने जवाबी कार्रवाई की तो वे हमें नसीहत देने लगे।”

 

भारत की नीति पर विश्वास:

विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत को अपनी नीति पर भरोसा रखते हुए, बाहरी ताकतों से प्रभावित हुए बिना काम करना चाहिए। उन्होंने पश्चिमी देशों से सवाल करते हुए कहा, “आप अपनी तरफ क्यों नहीं देखते? वहां पर हिंसा का क्या स्तर है, आपने कितनी चिंता जताई है?”

 

इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिमी देशों को अपनी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए, न कि भारत को अनावश्यक सलाह देने का अधिकार रखना चाहिए।

 

 

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