Tuesday, July 21

महेश जोशी फंसे 900 करोड़ के जल जीवन मिशन घोटाले में, PMLA के तहत मुकदमा चलेगा

 

जयपुर: पूर्व जलदाय मंत्री और कांग्रेस नेता डॉ. महेश जोशी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने उन्हें 900 करोड़ रुपये के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है।

 

सूत्रों के अनुसार, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जल जीवन मिशन के तहत किए गए कार्यों में बड़ी अनियमितताएं हुईं। पात्र कंपनियों को दरकिनार कर चहेती और ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को भारी रकम के टेंडर दिए गए। बिना काम किए कई फर्मों को करोड़ों रुपए अग्रिम भुगतान किया गया।

 

जांच की शुरूआत:

जल जीवन मिशन घोटाले की जांच में एसीबी और ईडी सक्रिय हुई। ईडी ने कई ठेकेदारों, अधिकारियों और डॉ. जोशी के ठिकानों पर छापेमारी की। आरोप है कि उन्होंने अपने बेटे की फर्म के माध्यम से रिश्वत ली।

 

एसीबी की भूमिका:

अगस्त 2023 में एसीबी ने पीएचईडी के कई अधिकारियों और ठेकेदारों को रिश्वत लेते और देते हुए गिरफ्तार किया। मोबाइल सर्विलांस और ट्रेपिंग से भ्रष्टाचार का पूरा जाल सामने आया।

 

जेल में सात महीने:

डॉ. जोशी को अप्रैल 2025 में ईडी के समक्ष पेश होने के बाद गिरफ्तार किया गया। सात महीने जेल में रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जमानत मिली। जमानत मिलने के बाद उन्होंने अपना पासपोर्ट कोर्ट में जमा कर दिया है और विदेश जाने की अनुमति नहीं है।

 

राजनीतिक परिप्रेक्ष्य:

इस मामले में पूर्व भाजपा नेता डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने भी घोटाले को लेकर आंदोलन और शिकायत दर्ज कराई थी। उनके परिवाद और साक्ष्यों के बाद ईडी ने इस मामले में कार्रवाई तेज की।

 

इस मंजूरी के बाद अब डॉ. जोशी के खिलाफ एसीबी और ईडी के अलग-अलग मुकदमे चलेंगे, जो उनके राजनीतिक और कानूनी संकट को और बढ़ा सकते हैं।

 

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