Tuesday, July 21

IND vs NZ: नीतीश रेड्डी को प्लेइंग-11 में नहीं उतारने पर गौतम गंभीर की कड़ी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के बीच चल रही सीरीज में टीम इंडिया के ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी का लगातार चुना जाना, लेकिन प्लेइंग-11 में मौका न मिलने का मामला फिर चर्चा में आ गया है। हार्दिक पंड्या की अनुपस्थिति में भी उन्हें केवल 2 वनडे और 4 टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने का मौका मिला है।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर और टीम इंडिया के पूर्व कोच गौतम गंभीर ने इस पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि नीतीश को लगातार टीम में शामिल करने के बावजूद प्लेइंग-11 में न उतारना यह दर्शाता है कि टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं के बीच तालमेल नहीं है। यह टीम के मैच-डे प्लान्स पर भी सवाल खड़े करता है।

विशेषज्ञ आकाश चोपड़ा ने वडोदरा में खेले गए पहले वनडे का उदाहरण देते हुए कहा कि तीन स्पेशलिस्ट फास्ट बॉलर खेलने के बावजूद नीतीश रेड्डी को प्लेइंग-11 में जगह नहीं दी गई। उनका कहना है कि केवल ‘फ्यूचर प्लानिंग’ और टीम में बैलेंस बनाने के लिए किसी खिलाड़ी को शामिल करना उचित नहीं है, अगर उन्हें खेलने का पर्याप्त समय ही नहीं दिया जाता।

आकाश चोपड़ा ने आगे सवाल उठाया, “क्या चयनकर्ता और कोचिंग स्टाफ आपस में सहमत नहीं हैं? मुझे अब तक समझ नहीं आया कि नीतीश कुमार रेड्डी को टीम में क्यों चुना गया। ऑलराउंडर की भूमिका में न तो उन्हें पूरा बैटिंग रोल दिया गया, न ही चौथे बॉलिंग ऑप्शन के रूप में इस्तेमाल किया गया।”

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अहमदाबाद और दिल्ली में नीतीश को टीम में शामिल किया गया, लेकिन उन्हें सीमित ओवर ही खेलने को मिले। साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में भी परिस्थितियां अनुकूल होने के बावजूद उनका अधिक इस्तेमाल नहीं हुआ। वडोदरा में भी यही कहानी दोहराई गई।

पूर्व क्रिकेट विशेषज्ञों की मानें तो अगर टीम भविष्य में ऑलराउंडर की भूमिका के लिए नीतीश पर भरोसा करना चाहती है, तो उन्हें अधिक गेम टाइम देना अनिवार्य है।

 

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