Tuesday, July 21

नोएडा: इंजीनियर की मौत के बाद डॉ. लोकेश एम को CEO पद से हटाया, योगी सरकार ने जताया कड़ा रुख

 

 

नोएडा। उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा अथॉरिटी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) डॉ. लोकेश एम को पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई सेक्टर-150 में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की निर्माणाधीन मॉल के गड्ढे में डूबकर मौत के बाद की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर डॉ. लोकेश को प्रतीक्षा सूची में डालते हुए हटाया गया है। सरकार ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की है, जिसमें एडीजी मेरठ जोन की अध्यक्षता, मंडलायुक्त मेरठ और लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता शामिल हैं।

 

कौन हैं डॉ. लोकेश एम

डॉ. लोकेश एम का जन्म 4 अप्रैल 1976 को बेंगलुरु में हुआ। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा के बाद बीडीएस की पढ़ाई पूरी कर डेंटिस्ट बने, लेकिन यूपीएससी सिविल सर्विसेज का सपना नहीं छोड़ा। वर्ष 2005 में UPSC पास करने के बाद उन्हें यूपी कैडर मिला। यूपी में सेवा देने के दौरान डॉ. लोकेश ने अलीगढ़ में असिस्टेंट मजिस्ट्रेट, सहारनपुर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और कौशांबी, अमरोहा, गाजीपुर, एटा, कुशीनगर और मैनपुरी में डीएम के पद पर कार्य किया। 2021 में सहारनपुर मंडल कमिश्नर और इसके बाद कानपुर मंडलायुक्त बनने के बाद उन्होंने नोएडा अथॉरिटी के CEO के पद को संभाला।

 

नए साल की शुरुआत में विवाद

डॉ. लोकेश एम ने नोएडा अथॉरिटी में लगभग 30 माह तक सेवा दी। नए साल की शुरुआत से ही वह विवादों में रहे। कुछ दिन पहले नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के न्यू ईयर 2026 कैलेंडर में CEO का गिटार बजाते हुए फोटो छपने के कारण हंगामा हुआ था। इसके कुछ दिन बाद सेक्टर-150 हादसे में इंजीनियर की मौत के कारण डॉ. लोकेश पर सवाल उठे।

 

एसआईटी जांच आज से शुरू

सरकार ने गठित तीन सदस्यीय एसआईटी आज से जांच शुरू कर सकती है। टीम ग्रेटर नोएडा में जाकर हादसे के कारणों, विभागीय लापरवाही और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों की पड़ताल करेगी। जांच में इलाके की जलनिकासी व्यवस्था, सड़क निर्माण की गुणवत्ता, चेतावनी संकेत और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम का भी निरीक्षण शामिल होगा।

 

युवराज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, इंजीनियर युवराज मेहता की मौत दम घुटने के कारण हुई। उनके फेफड़ों में काफी मात्रा में पानी भरा हुआ था, जिससे यह पता चलता है कि वह काफी देर तक पानी में डूबे रहे। डॉक्टरों का मानना है कि अत्यधिक तनाव, ठंड और मदद न मिलने के कारण युवराज को हार्टअटैक आया।

 

युवराज की अस्थि उनके पिता राजकुमार मेहता ने सोमवार को हरिद्वार में गंगा में विसर्जित की।

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