Tuesday, July 21

‘हम सिर्फ अदालत के प्रति जवाबदेह’—आतिशी–कपिल मिश्रा विवाद पर पंजाब के डीजीपी का दिल्ली विधानसभा को जवाब

 

 

गुरु तेग बहादुर से जुड़ी कथित टिप्पणी और उससे जुड़े वीडियो विवाद को लेकर दिल्ली विधानसभा और पंजाब पुलिस के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। इस मामले में दिल्ली विधानसभा द्वारा जारी नोटिस के जवाब में पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने स्पष्ट किया है कि पंजाब पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह कानून के अनुरूप है और पुलिस केवल अदालतों के प्रति जवाबदेह है, किसी विधानसभा के प्रति नहीं।

 

कानून के तहत दर्ज हुई एफआईआर

पंजाब के डीजीपी ने अपने जवाब में कहा कि जालंधर कमिश्नरेट पुलिस द्वारा बीजेपी नेता कपिल मिश्रा के खिलाफ दर्ज एफआईआर पूरी तरह वैधानिक है। संज्ञेय अपराध की स्थिति में एफआईआर दर्ज करना पुलिस का अधिकार और कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि आतिशी से जुड़े कथित ‘डॉक्टर्ड’ वीडियो क्लिप को लेकर पुलिस ने कानून के अनुसार ही कार्रवाई की है।

 

विधानसभा विशेषाधिकार पर उठाए सवाल

डीजीपी गौरव यादव ने दिल्ली विधानसभा के विधायी विशेषाधिकार के दावे पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त विशेषाधिकार केवल सदन की कार्यवाही और उसके अधिकृत प्रकाशन तक सीमित होते हैं। कपिल मिश्रा के खिलाफ कोई एफआईआर सदन के भीतर दिए गए भाषण को लेकर दर्ज नहीं की गई है, बल्कि सदन के बाहर कथित रूप से भाषण को एडिट कर उसका दुरुपयोग करने के मामले में कार्रवाई हुई है।

 

धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप

डीजीपी के अनुसार, कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर जालंधर निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने 7 जनवरी को सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो क्लिप देखे थे, जिनमें आतिशी को सिख गुरुओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए दिखाया गया। हालांकि, आतिशी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर मौजूद मूल वीडियो में ऐसी कोई टिप्पणी नहीं थी। इससे यह संकेत मिलता है कि वीडियो को एडिट कर धार्मिक भावनाएं आहत करने और सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश की गई।

 

10 जनवरी से शुरू हुआ विवाद

गौरतलब है कि यह विवाद 10 जनवरी को तब शुरू हुआ, जब दिल्ली विधानसभा ने पंजाब के तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तलब करते हुए आरोप लगाया कि कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विधानसभा के विशेषाधिकारों का उल्लंघन किया गया है। कपिल मिश्रा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें आतिशी को गुरु तेग बहादुर के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करते हुए दिखाया गया। वहीं, आतिशी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए वीडियो को छेड़छाड़ किया हुआ बताया था।

 

जांच पर कायम पंजाब पुलिस

पंजाब के डीजीपी ने अपने जवाब में दो टूक कहा कि पंजाब पुलिस अपनी जांच को निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाएगी और इस मामले में उसकी जवाबदेही केवल न्यायपालिका के प्रति है। इस बयान के बाद यह विवाद अब संवैधानिक और कानूनी बहस का रूप लेता नजर आ रहा है।

 

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